दवाब में आकर नाम वापस लेने वाले बागियों पर भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों की पैनी नजर


ग्वालियर: विभिन्न वार्डों में भाजपा के बड़े नेताओं के कहने पर भाजपा के बागी प्रत्याशियों ने अपने नाम तो वापस ले लिए हैं और कांग्रेस में भी अधिकांश बागी प्रत्याशियों ने नेताओं की समझाइस के बाद नाम वापस लिए हैं लेकिन इसके बाद भी बगावत की आशंका बनी हुई है।
बताया जाता है कि इन नेताओं ने वरिष्ठ नेताओं के दबाब में नाम वापस लिए हैं लेकिन पार्टी नेतृत्व को डर सता रहा है कि अभी भी यह लोग पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव हरवाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इसके कारण अब इन नेताओं पर पार्षद के चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी पूरी निगाह रखे हुए हैं। साथ ही अगर किसी को बगावत दिखी तो वह इसकी शिकायत सीधे आलाकमान से करेगा। इसके कारण इस समय नाम वापसी लेने वाले नेताओं पर प्रत्याशियों की नजर है।

नामांकन फार्म वापस लेने के बाद अक्सर बागी उम्मीदवार भाजपा हाइकमान की नजरों से बच जाते हैं लेकिन इस तरह की शिकायतें मिलती रहती है कि पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ वेअंदरूनी तौर पर काम करते हैं। इस भितरघात से उम्मीदवार परेशान हैं क्योंकि इस तरह से प्रत्याशियों को जीतना मुश्किल हो जाएगा।

नाम वापस लेने वाले इन बागियों पर है भाजपा की नजर
01 ममता शर्मा अजली शर्मा
02 कामिनी
03 मनोज शास्त्री , शिवदयाल, बिहवल सिंह सेंगर, कल्पना चौहान, शैलेंद्र
05 राकेश कुमार अग्रवाल , पप्पू परिहार,
06 हरिओम सिंह,
08 रामअवतार
11 कृष्णा महोबिया
13 मधु तोमर
14 कमल राठौर, गोविंद सिंह, दीपक कुमार शाक्य
18 व्यंजना मिश्रा, रीता तोमर
20 सुरक्षा शर्मा,
24 मनीष राजपूत, वीरेंद्र
28 लक्ष्मीबाई
29 मुकेश सिंह तोमर, विवेक शर्मा
30 प्राची भटनागर
47 दिलीप जगताप
49 पद्मा शर्मा
50 अजय राज, गोपाल झा, त्रिलोक सिंह राठौर,
51 सुमन सिंह
52 द्धिव्या कुशवाह, उमा चौरसिया,
53 सुघर सिंह, सुजीत सिंह , राजेश
कुसुम, पिंकी, प्रदीप, मिथलेश को कांग्रेस से निकाला शहर कांग्रेस ने आज रात्रि एक बड़ा निर्णय लेते हुए पार्टी के जिला महामन्त्री पिंकी पण्डित, महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष कुसुम शर्मा, भाजपा नेता सुधीर गुप्ता के भाई प्रदीप गुप्ता, राजू राय, मनोज भार्गव, मिथलेश सिंह यादव को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया। वैसे सच्चाई यह कि कुसुम व पिंकी सहित इनमें अधिकांश नेताओं ने खुद ही पार्टी से इस्तीफे दिए है।


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