साधौ को इंदौर और सज्जन को उज्जैन संभाग की जवाबदारी


सियासत

पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में कमलनाथ ने जमावट तेज कर दी है। शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के अलावा उन्होंने प्रदेश के महत्वपूर्ण नेताओं के साथ लंबी चर्चा की और रणनीति बनाई। कमलनाथ ने पंचायत चुनाव के लिए डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो को इंदौर संभाग का और सज्जन सिंह वर्मा को उज्जैन संभाग का प्रभारी बनाया है। यह दोनों संभागीय प्रभारी अपने-अपने संभाग में नगरीय निकाय चुनाव में डैमेज कंट्रोल का काम भी देखेंगे।डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो कमलनाथ सरकार बनने के बाद कमलनाथ के नजदीकी सलाहकारों में शामिल हुई हैं। जबकि सज्जन सिंह वर्मा उनके साथ 1985 के विधानसभा चुनाव से ही हैं। सज्जन सिंह वर्मा और डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो दोनों ही चुनावी राजनीति के महारथी हैं।

दोनों ही छात्र जीवन से चुनाव लड़ते आ रहे हैं। डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो को राजनीति उनके यशस्वी पिता स्वर्गीय सीताराम साधो की विरासत में मिली है। सीताराम साधो भी महेश्वर विधानसभा से 6 बार चुनाव लड़े थे। डॉक्टर साधो महेश्वर विधानसभा से पांचवी बार विधायक चुनी गई हैं। वे एक बार राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हो चुकी हैं। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सरकार में उन्होंने करीब 11 वर्ष कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया है। कांग्रेस की वे राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं। विधानसभा उपचुनावों में उन्होंने डबरा विधानसभा सीट से इमरती देवी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। कमलनाथ ने उन्हें इस विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया था। जाहिर है डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो की क्षमताओं से कमलनाथ वाकिफ हैं। इसलिए उन्हें महत्वपूर्ण जवाबदारी दी गई है।

इसी तरह सज्जन सिंह वर्मा भी छात्र जीवन से चुनाव लड़ते आ रहे हैं। उन्होंने सोनकच्छ से 5 विधानसभा चुनाव जीते हैं । वे भी 10 सालों तक दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं। सज्जन सिंह वर्मा उज्जैन संभाग की राजनीति से अच्छी तरह से वाकिफ हैं क्योंकि उन्होंने देवास शाजापुर से दो बार और उज्जैन संसदीय क्षेत्र से एक बार लोकसभा चुनाव जीता है। उज्जैन जिले के अलावा देवास और शाजापुर जिले की भी उन्हें अच्छी जानकारी है। मालवा निमाड़ अंचल पिछले चुनाव में कांग्रेस के लिए शुभ साबित हुआ था। यहां की विधानसभा सीटों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि 2014 में हुए पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब था। कमलनाथ मालवा निमाड़ अंचल पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो और सज्जन सिंह वर्मा के अलावा अरुण यादव, रवि जोशी, बाला बच्चन, हुकुम सिंह कराड़ा को भी महत्वपूर्ण जवाबदारियां दी गई हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस इलेक्शन मोड पर आ गई है। प्रदेश निर्वाचन आयोग पहले पंचायत चुनाव और बाद में नगरीय निकाय चुनाव कराएगा। मालवा निमाड़ अंचल में इंदौर, उज्जैन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास और रतलाम नगर निगम आते हैं। इन सभी पर पिछली बार भाजपा का कब्जा था। कांग्रेस के लिए भाजपा के गढ़ को भेदना बड़ी चुनौती है। यह लगभग तय माना जा रहा है कि नगरी निकाय चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे। यानी मेयर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाएगा।


नव भारत न्यूज

Next Post

बीरा एवं सुनहरा केन नदी में छः माह से चल रहा रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन

Mon May 23 , 2022
पन्ना :लगभग छः महीनों से राजनैतिक एवं प्रशासनिक गठजोड के चलते रेत माफियाओं का ताण्डव जारी है। बीरा एवं सुनहरा के केन नदी में लगभग एक दर्जन रेत माफियाओं द्वारा पार्टनरशिप में अवैध रूप से रेत का उत्खनन केन नदी की धार रोकककर सीधे नदी से ट्रकों एवं डम्फरों में […]