जिले में 25853 मीट्रिक टन गेंहू का हुआ उपार्जन


8099 पंजीकृत किसानों ने की अपनी फसल की बिक्री, 31 मई तक होगी फसलों की खरीदी

सीधी :  जिले में रबी सीजन की फसलों की खरीदी का कार्य उपार्जन केन्द्रों में अब तेजी पकडऩे लगा है। फसलों की खरीदी के लिए सीधी जिले में 44 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों में पंजीकृत किसानों की फसलों की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। जिले में 14 मई तक 25853 मीट्रिक टन गेंहू की खरीदी हो चुकी है। खरीदी का यह सिलसिला 31 मई तक अनवरत रूप से चलेगा।बताते चलें कि जिले में रबी सीजन में फसलों की बिक्री के लिए 18396 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीकृत रकवा 37003 हेण् है। खरीदी मात्रा विरुद्ध किसानों को देय राशि 52.09 करोड़ के विरुद्ध अभी तक फसलों की हुई खरीदी के लिए किसानों को 0.062 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। ऋण वसूली पश्चात भुगतान 49.96 करोड़ रुपए संबंधित किसानों को किया जाएगा।

उपार्जन केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से फसलों की खरीदी का कार्य काफी मुस्तैदी के साथ किया जा रहा है। जो खरीदी की जा रही है वह संबंधित उपार्जन केन्द्रों में ही भंडारित है। गोदामों में अभी तक 14398 मीट्रिक टन फसल का भंडारण किया जा चुका है। वहीं गोदामों में फसलों का भंडारण कराने के लिए 23169 मीट्रिक टन गेंहू पूरी तरह से ट्रांसपोर्ट के लिए तैयार हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में खरीदी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई गई हैं।

केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में सभी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। जिससे उपार्जन कार्य तेजी के साथ चल सके। यह अवश्य है कि उपार्जन केन्द्रों में फसलों की खरीदी का कार्य काफी धीमी गति से शुरू हुआ था। विभागीय अधिकारियों द्वारा उपार्जन केन्द्रों में फसलों की चल रही खरीदी का निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखने को निर्देश भी दिए जा रहे हैं। गुणवत्तायुक्त फसलों की खरीदी करनें के निर्देश दिए गए हैं। फसलों को पूरी तरह से साफ-सुथरा लाने पर ही उसकी खरीदी की जाएगी। सभी केन्द्रों में फसलों की छनाई की व्यवस्था भी बनाई गई है। जिससे सभी उपार्जन केन्द्रों में फसलों की गुणवत्तायुक्त खरीदी सुनिश्चित हो सके। जहां से शिकायतें मिल रही हैं वहां त्वरित कार्यवाई भी की जा रही है।

44 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की व्यवस्था
जिले में किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए सभी 44 उपार्जन केन्द्रों से फसलों की खरीदी तेजी के साथ की जा रही है। उपार्जन केन्द्र इस तरह बनाए गए हैं जिससे किसानों को नजदीकी उपार्जन केन्द्रों में पहुंचने के लिए समस्याएं न हों। उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण करने के दौरान ही यह सुनिश्चित किया गया था कि जिले के सभी क्षेत्रों में किसानों को ज्यादा दूर अनाज की बिक्री करने के लिए न जाना पड़े। किसानों को इसका लाभ भी मिल रहा है। पंजीकृत किसान अपने नजदीकी उपार्जन केन्द्र में पहुंचकर अपनी फसल की बिक्री कर रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों में किसानों द्वारा लाए गए फसलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जांच की जाती है। यदि फसल साफ-सुथरी एवं गुणवत्तायुक्त नहीं है तो उसे खरीदी से इंकार भी किया जा रहा है। फसलों के साफ-सुथरा न होने पर सभी उपार्जन केन्द्रों में छन्ना की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र में छन्ना से सफाई होने पर किसानों को 20 रुपए प्रति क्विंटल शुल्क भी देना होगा।

इनका कहना है
जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में फसलों की खरीदी का कार्य चल रहा है। 14 मई तक 8099 पंजीकृत किसानों द्वारा फसलों की बिक्री की गई थी। यह सिलसिला अभी अनवरत रूप से चल रहा है। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 18396 है। उपार्जन केन्द्रों में बिक्री करने वाले किसानों को अभी तक 0.062 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान भी जल्द कराने की प्रक्रिया शुरू है। इसके अलावा उपार्जन केन्द्रों में मौजूद फसलों का गोदामों में भंडारण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
आशुतोष तिवारी, जिला आपूर्ति अधिकारी सीधी


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