विवादित प्रश्नों के उत्तर मामले में पीएससी अभ्यार्थियों को झटका


हाईकोर्ट ने एक्सपर्ट ओपनियन को सही ठहराते हुए अपील की खारिज

जबलपुर:  मप्र हाईकोर्ट से पीएससी परीक्षा 2020 के उन अभ्यार्थियों कोकरारा झटका लगा है, जिन्होने विवादित प्रश्नों के उत्तरों को लेकर अपील दायर की थी। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही ठहराते हुए एक्सपर्ट ओपनियन को मानतेहुए दायर अपील खारिज कर दी है।उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य चयन सेवापरीक्षा 2020 की प्रारंभिक परीक्षा 25 जुलाई 21 का घोषित परिणाम 15 जनवरी2022 में दो अंको से फेल सैकड़ो छात्रो द्वारा हाइकोर्ट में याचिकाए दायर की गई थी। अभ्यार्थियों की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया था कि एकप्रश्न के उत्तर में ब्रह्म समाज के स्थापक देवेन्द्र नाथ टेगोर को माना गया है। जबकि मध्य प्रदेश हिन्दी ग्रंथ-अकादमी सहित अन्य प्रकाशको की पुस्तकों मे केशव चंद सेन उल्लेखित है।

एकलपीठ ने इस संबंध में एक्सपर्ट
कमेटी से राय मांगी थी। एक्सपर्ट कमेटी द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट मेंपीएससी के उत्तर को सही माना गया। आवेदकों का कहना था कि उन्होंने प्रश्न क्रमांक 70 का सही उत्तर ऑप्शन बी टिक किया है जबकि आयोग ने ऑप्शन अमान्य किया है। जिसके कारण संबंधित याचिकाकर्ता दो अंक काम होने के कारण मुख्य परीक्षा से वंचित हो गए है तथा विज्ञापन की शर्त क्रमांक 3 के अनुसार जिन प्रश्नों के उत्तर एक से ज्यादा सही है उन सभी को मान्य किया जाएगा तथा अंक प्रदान किए जाएंगे। पीएससी ने चार प्रश्नों के दो-दो उत्तर मान्य भी किए है उसी प्रकार विवादित प्रश्न का ऑप्शन अ तथा ब दोनों मान्य किए जाए तथा याचिकाकर्ताओ को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए ।

हाइकोर्ट की एकलपीठ ने 17 फरवरी को याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए मुख्य परीक्षा में शामिल होने का आदेश दिया गया था
तथा एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट आयोग द्वारा कोर्ट में दाखिल करके गजेटियरको आधार मानकर ऑप्शन अ सही बताया गया था । दायर समस्त याचिकाओ की एक साथ सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दायर याचिकाएं खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ यह अपील दायर की गई थी। सीजे कीअध्यक्षता वाली बैंच ने अपने आदेश में एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के आधार
पर एकलपीठ के आदेश को सही ठहराते हुए दायर अपील खारिज कर दकी। अधिवक्तारामेश्वर सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के उक्त आदेश के खिलाफ वे सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेंगे।


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