सुरक्षा में न हो चूक, प्राइवेट एंबुलेंस न दिखें, धारा 144 लागू


मेडिकल कॉलेज पहुंचे कलेक्टर, चिकित्सक कुर्सी से मिले गायब

जबलपुर:  एंबुलेंस चालकों और ठेका कर्मचारियों के हमले में महिला मरीज कीमौत के बाद कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्रबोस मेडिकल कालेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ओपीडी मेंपहुंचे जहां तमाम चिकित्सक अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। जो चिकित्सक ड्यूटीपर मिले वह भी निर्धारित ड्रेस में नहीं थे। कलेक्टर ने दो टूक कहा किचिकित्सक और कर्मचारी निर्धारित ड्रेस में नजर आएं। उन्होंने निर्देश दिएकि अस्पताल में सुरक्षा व स्वच्छता नियमित रूप से रहे और प्राइवेटएंबुलेंस मेडीकल परिसर में स्थाई रूप से न रहे। निरीक्षण के बाद देर शामजिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर इलैयाराजा टी ने मेडिकल में कानून एवं शांतिव्यवस्था के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी।

कचरे में मिला जैविक कचरा, ठेका कंपनी पर बरसे

अस्पताल से निकलने वाले कचरे में जैविक कचरा देखते ही कलेक्टर बरस पड़े।हाथ में डंडा लेकर कलेक्टर ने सामान्य व जैविक कचरे को अलग कर सफाई ठेकेदार तथा मेडिकल के अधिकारियों को दिखाया। सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर उन्होंने ठेका कंपनी के खिलाफ जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ओपीडी का जायजा लेने के बाद पेईंग वार्ड पहुंचे। जहां साधारण कचरे में जैविक कचरा देखकर नाराजगी जताई। कलेक्टर परिसर में थोड़ा आगे बढ़े थे तभी नमकीन के खाली पैकेट, शराब की बोतलें नजर आईं। जिसके बाद सडांध मारते
जैविक कचरे पर उनकी नजर पड़ी। अस्पताल से पानी निकासी की व्यवस्था भी गड़बड़ मिली। ठेका सफाई कंपनी के बाद कलेक्टर ने सुरक्षा एजेंसी केकामकाज पर असंतोष जताया।
मवेशी नजर नहीं आनाया चाहिए
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कहा कि अस्पताल परिसर में आवारा मवेशी वजानवर नजर नहीं आना चाहिए। इसकी जिम्मेदार ठेका कंपनी की होगी। कलेक्टरने अस्पताल के स्टोर रूम में कबाड़ भरे होने पर नाराजगी जताई।
निर्धारित ड्रेस में आएं चिकित्सक-कर्मचारी
ओपीडी के निरीक्षण के दौरान तमाम चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ निर्धारित ड्रेस में नजर नहीं आया। कुछ चिकित्सक भी तब तक ओपीडी में नहीं पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मेडिकल में प्रभावी तौर पर ड्रेस कोड का पालन कियाजाए। ओपीडी से बाहर निकलने के बाद कलेक्टर ने मेडिकल के एंबुलेंस चालकोंसे चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर मेडिकल को निजी एंबुलेंसका अड्डा न बनने दिया जाए। इस दौरान डीन डॉ. प्रदीप कसार, अधीक्षक डॉ.अरविंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
एम्बुलेंस की पार्किंग प्रतिबंधित
देर शाम जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर इलैयाराजा टी ने दंड प्रक्रियासंहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी कर नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक मेडीकल कॉलेज परिसर मेंशासकीय एंबुलेंस के अतिरिक्त किराये की एम्बुलेंस की पार्किंग प्रतिबंधितरहेगी। निजी एम्बुलेंस चालक भी अपनी एम्बुलेंस मेडीकल कॉलेज परिसर में पार्क नहीं कर सकेंगे।
चस्पा करना होगी रेट लिस्ट
प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा गया है कि निजी एम्बुलेंस चालकों को अपनी एम्बुलेंस पर निर्धारित किराये की सूची अनिवार्य रूप से चस्पा करना होगी। इसके साथ ही मेडीकल कॉलेज परिसर में निजी एम्बुलेंस चालकों को सिर्फ ड्राप.एण्ड.गो की अनुमति ही रहेगी।
उल्लंघन हुआ तो होगी कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज में निजी एम्बुलेंस चालकों द्वारा गत दिवस मारपीट की घटित की गई घटना के मद्देनजर जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है आदेश में कहा गया है कि इसका उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य समस्त प्रावधानों के अंतर्गत दांण्डिक कार्यवाही की जायेगी।
भोपाल से आई एडिशनल सेक्रेटरी ने भी लिया जायजा-
कलेक्टर के निरीक्षण उपरांत भोपाल से आईं चिकित्सा शिक्षा विभाग की एडिशनल सेक्रेटरी सुरभि गुप्ता ने मेडिकल का जायजा लिया। अस्पताल परिसर में तमाम विकास कार्यों की जानकारी ली। निर्माणाधीन भवनों का अवलोकन कर समय से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व उन्होंने डीन डॉ. कसार से मेडिकल में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। डीन ने बताया कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट जल्द प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है। इस दौरान कैंसर अस्पताल अधीक्षक डॉ.लक्ष्मी सिंगौतिया, डॉ. श्याम रावत, मप्र चिकित्सा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रभात बुधौलिया आदि उपस्थित रहे।


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