पंचायत चुनाव निरस्त, फिर क्यों थानों में जमा हैं लाईसेंसी शस्त्र


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जमा कराये गये थे शस्त्र, शस्त्र पाने के लिये थाना एवं चौकी के चक्कर लगा रहे शस्त्रधारी

सीधी :  त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त कर दिये गये हैं। आदर्श आचार संहिता भी समाप्त हो चुकी है किन्तु थाना एवं चौकियों में जमा कराये गये शस्त्रोंं को अभी भी जारी करने के संबंध में जिला कलेक्टर द्वारा कोई भी निर्देश एवं आदेश नहीं दिये गये हैं जिसके चलते शस्त्रधारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञात हो कि प्रदेश सहित सभी जिलो में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव को लेकर लागू हुई आदर्श आचार संहिता के तहत जिन शस्त्रों को जमा कराया गया था चुनाव निरस्त होने के बाद शस्त्रधारियों को वापस कर देना चाहिए। किन्तु यहां अभी भी इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। शस्त्रधारी अपने शस्त्रों को प्राप्त करने के लिये थाना एवं चौकियों में पहुंच रहे हैं।

जहां से उन्हें शस्त्र नहीं दिये जा रहे हैं। थाना एवं चौकी प्रभारियों के द्वारा अभी कलेक्टर के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। वहीं कलेक्टर कार्यालय में जब संपर्क किया गया तो यह कहा गया कि थाना एवं चौकी प्रभारी शस्त्र जारी कर सकते हैं। यहां दो तरह की बातें हो रही हैं किन्तु यह मौखिक तौर पर ही हैं। जब तक कलेक्टर कार्यालय से लिखित आदेश नहीं जारी होंगे तब तक थाना एवं चौकी से शस्त्रों को नहीं जारी किया जा सकता। यह नियम में भी है। वहीं दूसरी ओर कोई स्पष्ट जानकारी न मिलनेे पर थाना एवं चौकी में शस्त्रधारी चक्कर लगा रहे हैं। आचार संहिता समाप्त होने के बाद शस्त्र की जरूरत सी महसूस होने लगी है। लोग अपनी सुरक्षा या अन्य कारणों से शस्त्र को अपने पास रखते हैं। लेकिन चुनावी समय में जमा कराये गये शस्त्र अब भी जारी नहीं किये जा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर बताया गया कि प्रशासन बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि चुनाव निरस्त हो गये हैं और आदर्श आचार संहिता भी समाप्त हो चुकी है तो किस आधार पर अभी शस्त्रों को थानों एवं चौकियों में जमा कराया गया है।

हजारों की संख्या में थानों में जमा हैं शस्त्र
जिला अंतर्गत विभिन्न थाना एवं पुलिस चौकी अंतर्गत निवासरत लोगों मे करीब एक हजार से अधिक लोग शस्त्र रखे हुये हैं। जिनके द्वारा चुनाव में प्रशासनिक आदेश के तहत थाना एवं चौकियों में जमा करा दिये गये हैं। शस्त्र भी कई तरह के हैं। जो लोग अपनी सुरक्षा व अन्य कारणों से रखे हुये हैं हजारों की संख्या में शस्त्र अब धूल फांक रहे हैं। समयावधि बीत जाने के बाद भी उन्हें जारी नहीं किया जा रहा है। थाना एवं चौकी के प्रभारी भी लोगों को बताते-बताते थक से रहे हैं। उन्हें भी जिला कलेक्टर के आदेश का इंतजार है।


नव भारत न्यूज

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