ग्वालियर चम्बल में पांच मंत्री हारे, कांग्रेस के दिग्गजों को भी शिकस्त


  तीस वर्ष से कभी न हारे गोविंद सिंह व केपी सिंह पराजित, गृह मंत्री नरोत्तम दतिया में पहली बार हारे
   हरीश दुबे

 ग्वालियर: प्रदेश में भाजपा भले ही प्रचंड बहुमत से एक बार फिर से सत्ता में आ गई है लेकिन ग्वालियर चंबल में भाजपा सरकार के पांच कद्दावर मंत्री चुनाव हार गए हैं। इसके अलावा अपने तीन दशक से ज्यादा के चुनावी सफर में अब तक कभी न हारने वाले कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी चुनाव हार गए हैं। ग्वालियर चम्बल में चुनाव हारने वाले शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्रियों में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया, पीएचई मंत्री सुरेश धाकड़, उद्यानिकी मंत्री भारत सिंह कुशवाह एवं पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया शामिल हैं। इनमें धाकड़ व सिसौदिया तत्कालीन कमलनाथ सरकार से इस्तीफा देकर सिंधिया संग भाजपा में आए थे।

   ग्वालियर चम्बल में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। लगातार सात बार से जीतते आ रहे प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह एवं दिग्विजय सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे केपी सिंह इस बार बड़े अंतर से चुनाव हार गए हैं। अनूप मिश्रा एवं बालेंदु शुक्ल जैसे दिग्गज चेहरों को चुनाव हरा चुके व भितरवार सीट से लगातार जीतते आ रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखन सिंह यादव भी चुनाव हार गए हैं। खास बात यह कि कभी उन्ही के साथ कांग्रेस में रहे मोहनसिंह राठौड़ ने उन्हें चुनाव हराया है जो सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए थे।
  ग्वालियर अंचल से भाजपा के जो शीर्ष दिग्गज चुनाव लड़ रहे थे, उनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम अग्रणी था, वे त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे हुए थे लेकिन उन्होंने २४ हजार वोट से विजय हासिल कर अपनी अजेयता को बरकरार रखा है। खास बात यह कि यहाँ उन्होंने कांग्रेस को तीसरे नम्बर पर धकेल दिया। नरेंद्र सिंह का निकटतम मुकाबला बसपा के बलवीर सिंह डंडोतिया से हुआ।   सीधे जयविलास पैलेस से जुड़ी एवं सिंधिया परिवार की निकट रिश्तेदार श्रीमती माया सिंह को भी भाजपा लहर में ही हार का सामना करना पड़ा है। माया सिंह शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रहने के अलावा दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी को सिंधिया परिवार की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था लेकिन उन्हें कांग्रेस के मौजूदा विधायक डॉ. सतीश सिकरवार के मुकाबले पराजय का सामना करना पड़ा है।
   केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गृहजिले ग्वालियर की छह सीटों पर हुए चुनाव में मुकाबला तीन-तीन पर छूटा है। सिंधिया के नजदीकी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर चौथी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं लेकिन एक अन्य सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी चुनाव हार गई हैं। यह उनकी लगातार दूसरी हार है। भाजपा खेमों में सर्वाधिक आश्चर्य सूबे के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की बड़े अंतर से पराजय पर व्यक्त किया जा रहा है। उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने हराया है जो पिछली दो बार से डॉ. मिश्रा से पराजित हो रहे थे। मामा – भांजे की एक साथ पराजय की भी आज चर्चा रही। लहार में कांग्रेस के डॉ. गोविंद सिंह एवं मेहगांव से चुनाव लड़ रहे उनके भांजे राहुल सिंह भदौरिया, दोनों ही पराजित हुए हैं। हालांकि अंचल की कांग्रेस राजनीति के दो बड़े चेहरे फूलसिंह बरैया व हेमन्त कटारे एक अंतराल के बाद अपनी पारम्परिक सीटों भांडेर व अटेर से विजयी होने में कामयाब रहे हैं।

नव भारत न्यूज

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