बहरी में कोयला का चल रहा बेखौफ काला कारोबार


सालों से चल रहे काले कारोबार पर नहीं हो रही कोई जांच कार्रवाई, खनिज व पुलिस का मिल रहा संरक्षण

सीधी/बहरी :जिले के तहसील मुख्यालय बहरी में कोयला का काला कारोबार सालों से चल रहा है। जिस पर न तो खनिज विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही पुलिस की ओर से जांच करने की जरूरत समझी जा रही है। कोयला का यह काला कारोबार काफी सुर्खियों में बना हुआ है।राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 में स्थित बहरी में तीन जगहों में प्रमुख रूप से कोयला का कारोबार किया जा रहा है। इसमें एक कारोबारी द्वारा स्वयं की ऊंची पहुंच बताते हुये संबंधित विभागों पर भी अपनी धाक जमाई गई है। बहरी में चल रहे कोयले के अवैध कारोबार की जानकारी भोपाल तक पहुंच चुकी है जिस पर राज्य स्तरीय टीम गठित कर कार्रवाई की बात भी की जा रही है। बताया गया है कि बहरी में राष्ट्रीय राजमार्ग 39 के बाईपास में इंदौर के एक व्यक्ति द्वारा कोयला का अवैध कारोबार किया जा रहा है।

इस व्यक्ति द्वारा कार्रवाई से बचने के लिये पुलिस, राजस्व एवं खनिज विभाग पर भी अपना दबाव बनाकर रखा गया है। इसके लिये पुलिस के एक अधिकारी को पार्टनर भी बताया जा रहा है। इसी वजह से बहरी में चल रहे कोयला के अवैध कारोबार पर कार्रवाई करने में संबंधित विभागों के अधिकारियों के भी हांथ-पांव फूल रहे हैं। दो वर्ष से इंदौर के व्यक्ति द्वारा खुलेआम कोयला का अवैध कारोबार संचालित करके प्रशासन को भी चुनौती दी जा रही है। बताया गया है कि कोयला का कारोबार करने वाले कारोबारियों के यहां तौल के लिये कांटे भी लगे हुये हैं। नापतौल विभाग से बकायदा पंजीयन भी कराया गया है लेकिन कांटे में चलने वाले खेल की निगरानी करने के लिये कोई भी जिम्मेदार यहां नहीं पहुंचता।

जिसके चलते यह कारोबारी जमकर मनमानी कर रहे हैं। बताया गया है कि सिंगरौली से आने वाली कोयले से लोड गाडिय़ों को यहां वजन कर ओव्हरलोड के नाम पर खाली कराया जाता है और इस पूरे खेल में वाहन संचालकों की भूमिका काफी अहम रहती है। बहरी क्षेत्र में कोयला का काला कारोबार इसलिये भी अपनी जड़ें जमा चुका है क्योंकि सिंगरौली की ओर से काफी संख्या में वाहन बहरी आते हैं, यहां से आगे के लिये निकलते हैं। बहरी में बाईपास मार्ग के किनारे कोयला का अवैध कारोबार संचालित करने के लिये सभी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं जिसके कारण यहां आसानी से नम्बर 2 का कोयला पहुंच रहा है।

जिले में कोयला के अवैध कारोबार का जोर
जिले में कोयला का अवैध कारोबार कुछ सालों से लगातार बढ़ रहा है। बावजूद इसके इस पर खनिज विभाग की नजर नहीं पड़ रही है। वहीं पुलिस प्रशासन भी कोयला के अवैध कारोबार को लेकर पूरी तरह से निष्क्रिय नजर आ रहा है। जिला मुख्यालय में भी आधा दर्जन के करीब कोयला कारोबार के ठिकाने संचालित हैं। उक्त कारोबार संचालन की जानकारी खनिज व पुलिस विभाग के पास ऑफ रिकार्ड मौजूद है। फिर भी इस पर कोई जांच कार्रवाई नहीं होती। यहां सिंगरौली से आने वाले कोयला वाहनों से सेटिंग कर माल खाली कराया जाता है, बाद में इन कारोबारियों द्वारा स्थानीय लोगों को महंगे दामों में बेंच दिया जाता है। ठंड का मौसम आने के बाद से कोयला के अवैध कारोबार में काफी इजाफा हो जाता है। जिसके चलते संबंधितों की चांदी कटने लगती है।


नव भारत न्यूज

Next Post

कोयले से भरी बोगी मेें भडक़ी आग, मचा हडक़ंप

Wed Nov 29 , 2023
जबलपुर: सिंगरौली से काेयला भरकर एनटीपीसी नरसिंहपुर जा रही मालगाड़ी में अचानक आग भडक़ गई। देखते ही देखत आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। भिटोनी स्टेशन में बोगी को रूकवाया गया जिसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद आग फायर बिग्रेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। […]