पश्चिमी रिंग रोड का किसानों कर रहे विरोध


बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजे की कर रहे मांग
विकास के नाम पर ठगा हुआ कर रहे महसूस

किसानों का कहना है कि पहले हमारे क्षेत्र में बड़ा विद्युत ग्रेड बनाया गया है. पूरे क्षेत्र में हाइट टेंशन लाइन का जाल बिछ गया है. करोड़ों रूपए बीघा वाली जमीन को आज कोई 50 लाख रूपए बिघा में भी लेने को तैयार नहीं है. इसके बाद में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन में जमीन जा रही है. उसमें भी किसानों के साथ में अन्याय हो रहा है. किसानों की करोड़ों रुपए की जमीन यूं ही बेकार हो गई कोई खरीदने वाला नहीं. अब पश्चिमी रिंग रोड निकल रहा है उसमें भी किसानों की जमीन सरकार कौड़ियों के भाव लेने के लिए तैयार है जिस भाव में सरकार जमीन ले रही है उस भाव में इंदौर शहर से 50 किलोमीटर में भी जमीन नहीं मिलेगी.

आखिरकार ऐसा विकास किस काम का की अन्नदाता बलि का बकरा बन जाए. किसानों को विकास के नाम पर जमीन देने में कोई परेशानी नहीं है परंतु देश हित के नाम पर फिर किसानों को ही मजबूर किया जाता है, अभी तक देखने में आया है कि जिन किसानों की जमीन सरकार ने विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए अधिग्रहित की वह किसान बर्बाद हो गए. पूर्व जनपद सदस्य एवं किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि व्यापारियों उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की नीयत से पश्चिमी रिंग रोड की घोषणा की गई है. उसके कारण हजारों किसान बर्बाद हो जाएंग. ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार किसानों की जमीन सस्ते में लेकर अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रही है. मंडलोई ने सरकार से मांग की है कि सरकार ऐसी नीति बनाई जिससे कि अन्नदाता अपनी जमीन खुशी-खुशी अपनी जमीन विकास कार्यों में दे सके.

किसानों ने कहा…
ग्राम बरलाई जागीर के किसान प्रहलाद डाबी ने बताया कि मेरी भी जमीन पश्चिमी रिंग रोड में जा रही है. मेरे गांव में जमीन का भाव डेढ़ से 2 करोड रुपए बीघा है जबकि गाइडलाइन के हिसाब से मुझे मात्र 9 लाख रुपए बीघा के हिसाब से जमीन का मुआवजा मिलेगा, ऐसी स्थिति में हमें भूख को मारने की स्थिति आ जाएगी. इसी प्रकार मांगलिया हर्निया के किसान कैलाश चौधरी ने भी अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि समझ में नहीं आता के विकास के नाम पर किसान हम गरीबों की बलि लेने पर क्यों आमादा है. इसी प्रकार की बात ग्राम धतुरिया के किसान दीपक सांखला में भी कही है कि हम करोड़ों रुपए कीमत की जमीन कौड़ियों के भाव में क्यों दें?

अन्याय नहीं होने देंगे
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हालत में किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. चाहे इसके लिए कितनी भी लंबी लड़ाई क्यों ना लड़नी पड़े. अगर सरकार को जमीन चाहिए तो बाजार मूल्य से चार गुना ज्यादा कीमत का मुआवजा सरकार किसानों को दे. प्रभावित किसानों के परिवार के एक-एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए.


नव भारत न्यूज

Next Post

खंडवा में टसल:दोनों प्रत्याशियों में जीत की जिद

Wed Nov 29 , 2023
खंडवा: जिले की चार विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों में विधानसभा पहुंचने की बेचैनी साफ दिख रही है। मुख्य रूप से 8 प्रत्याशियों को साफ लग रहा है,कि वे ही विधानसभा में अपने क्षेत्रों का नेतृत्व करेंगे। आम लोगों की नब्ज किसी पारखी वैद्य की तरह पकडक़र अपनी […]