नियम विरुद्ध आरबीएसके कार्यक्रम में वाहनों का संचालन


कम्पनी पर मेरहबान अधिकारी, लाखों का नुकसान
मामला नीमच के जिला चिकित्सालय का

चैन सिंह सोलंकी
नीमच: निजी उपयोग के लिए चौपहिया वाहन खरीदना और उसे शासकीय विभागों में टैक्सी के रूप में संचालित करना जिले में आम बात हो चुकी है। वाहन का व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन न होने के बाद भी उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है. जिसकी बानगी नीमच अस्पताल में देखने को मिल रही है जहां जुगाड़ से कमर्शियल वाहनों की जगह ऐसे वाहन लगाए गए हैं.जानकारी के अनुसार आरबीएसके कार्यक्रम के अन्तर्गत नीमच के सरकारी अस्पताल में आठ वाहनों को अनुबंध पर लगाने के लिए 30 जून को विज्ञप्ति जारी की गई थी. विज्ञप्ति के बाद राजगढ़ की दाधीच लाईफ सिक्योर सर्विस के नाम टैण्डर जारी हुए थे. सिक्योर कम्पनी की ओर से 25 सितम्बर को अस्पताल के साथ अनुबंध कर वाहनों को शुरू करने थे. लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते एक महीने तेईस दिन बाद भी वाहनों को नहीं लगाया गया.

आरबीएसके कार्यक्रम हेतु जिला अस्पताल की ओर से सात बोलोरो व अन्य जिला ब्लॉक अधिकरियों हेतु आठ वाहन की मासिक किराए पर लिए जाने में भारी अनियमितता सामने आई है. अधिकारियों ने वाहनों की आवश्यकता के लिए विज्ञप्ति 30 जून को प्रकाशित की थी, जिसमे राजगढ़ की कम्पनी दाधीच लाइफ सिक्योर एम्बुलेंस सर्विसेज कम्पनी को टेंडर दिया गया था. कम्पनी को राजकीय नियमों व शर्तो के अनुसार दो साल से पुराना वाहन नहीं लगाना था. साथ ही वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य होना था. वाहन बोलोरो होना जरूरी था. इन सभी नियमों के अनुरूप संबन्धित कम्पनी ने अस्पताल में अनुबंध 25 सितंबर को किया और एक अक्टूबर को सभी वाहनों का संचालन शुरू होना था. लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत व मेहरबानी के चलते एक महीने तेईस दिन बाद भी सिर्फ पांच वाहनों का ही संचालन हुआ¸ है. जो भी लगाए गए वाहन अनुबंध की शर्तों के अनुरूप नहीं है.

शर्तों के अनुरूप नहीं वाहन
मामले की जानकारी लेने पर पता चला कि यह सब खेल जिला अस्पताल के कर्मचारी की मिली भगत से हो रहा है. राजगढ़ की दाधीच लाइफ कम्पनी से तो सिर्फ टेंडर डलवाया गया. उसके लाइसेंस के आधार पर बाकी इनका संचालन अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा ही आर्थिक लाभ कमाने के लिए किया जा रहा है. एक महीना तेईस दिन बीत जाने के बाद भी सबन्धित ने सिर्फ पांच वाहन लगाए जो कि निविदा की नियम शर्तो के अनुरूप नहीं है. खुद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की गाड़ी बोलरो होना चाहिए. उसकी जगह टाटा कम्पनी की अल्ट्रॉस गाड़ी लगा रखी है जो निजी वाहन है. अन्य गाड़ियां भी मनासा ब्लॉक में है, जो अनुबंध के अनुरूप नहीं है.

सिक्यूरिटी राशि भी पूरी जमा नहीं की
इतना समय बीतने के बाद भी संबंधित कम्पनी ने जो सिक्योरिटी राशि डेढ़ लाख जमा करना था वह भी पूरी जमा नहीं की. सही समय पर सभी वाहन नही उपलब्ध करवाये. जिला अस्पताल ने इस विषय में संबन्धित कम्पनी को नोटिस भी जारी किया था. एक नवंबर तक सभी वाहन लगना अनिवार्य था लेकिन न वाहन को लगवाया गया न ही कमर्शियल वाहन का परमिट हुआ. जिला अस्पताल के कर्ताधर्ता कम्पनी पर इतना समय निकलने के बाद भी कृपा व दया भाव क्यों दिखा रहे हैं यह समझ से परे हैं.

इनका कहना है
यह सही है कि पूरी गाड़ियां मापदण्ड के अनुसार नहीं लगाई है. न ही कमर्शियल हैं. संबन्धित कम्पनी के जितेंद्र ने कल आवेदन देकर कुछ समय मांगा है. अगर तय समय में कुछ नही3 होगा तो फिर कार्रवाई करेंगे.

– समरथसिंह बघेल
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी.., नीमच


नव भारत न्यूज

Next Post

इस बार भी महेंद्र हार्डिया और सत्यनारायण पटेल के बीच कड़ा मुकाबला रहा !

Sat Nov 25 , 2023
सियासत मतदान समाप्त होने के एक सप्ताह बाद भी इंदौर जिले की विधानसभा सीटों के रुझान के बारे में विश्लेषण और अटकलों का दौर चल रहा है। प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा सीटों में से एक क्षेत्र क्रमांक 5 में इस बार भी महेंद्र हार्डिया और सत्यनारायण पटेल के बीच […]