जिला कार्यसमिति सदस्य एवं पार्षद छ:वर्षो के लिये भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रवीण तिवारी एवं पार्षद परमेश्वर पटेल पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने की कार्रवाई, सोसल मीडिया में दोनों पत्र वायरल



नवभारत न्यूज
सिंगरौली 19 नवम्बर। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यसमिति सदस्य प्रवीण तिवारी एवं भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल ननि वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद परमेश्वर पटेल को छ: वर्षो के लिये प्राथमिकता सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भाजपा जिलाध्यक्ष रामसुमिरन गुप्ता ने किया है। वहीं प्रवीण तिवारी पर की गयी कार्रवाई को लेकर भाजपा भी दो फाड़ में बटती नजर आ रही है। सोसल मीडिया में जिलाध्यक्ष से भी इस्तीफे की मांग की जा रही है।
गौरतलब हो कि 9 नवम्बर को विधान सभा चुनाव को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष रामसुमिरन गुप्ता ने पार्षद एवं पूर्व पार्षदों सहित अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की एक अचानक बैठक बुलाया था। बैठक में जहॉ चर्चाए चल रही थी इसी दौरान भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य प्रवीण तिवारी ने सवाल उठाया था कि अभी तक बूथ अध्यक्षों एवं त्रिदेव अध्यक्षों की बैठक क्यों नहीं बुलायी गयी। इसका जवाब जिलाध्यक्ष ने तर्कसंगत नहीं दिया। फिर प्रवीण तिवारी ने कहा कि पिछले विधानसभा एवं लोक सभा चुनावों में जिन लोगों के द्वारा भीतरघात किया गया था। उन्हीं को फिर से प्रचार-प्रसार का जिम्मा क्यों दिया गया। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई और दोनों में जूमत पैजार की स्थिति निर्मित हो गयी। बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया था। 10 नवम्बर को जिला कार्यालय मंत्री के के कुशवाहा ने जिलाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवीण तिवारी को नोटिस जारी करते हुये 7 दिवस के अन्दर सकारात्मक जवाब मांगा था। नोटिस का जवाब आने के बाद जिलाध्यक्ष प्रवीण तिवारी को छ:वर्षो के लिये प्राथमिक सदस्यता के लिये निष्कासित कर दिया है। वहीं वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद परमेश्वर पटेल ने चुनाव के समय भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले लिया। इन्हें भी छ: वर्षो के लिये निष्कासित कर दिया गया है। पार्षद पर की गयी कार्रवाई को सभी जायज मान रहे है लेकिन प्रवीण तिवारी के खिलाफ की गयी कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया में जिलाध्यक्ष की जमकर किरकिरी हो रही है। कई लोगों ने यहॉ तक कहा कि जिलाध्यक्ष को ही नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। फिलहाल प्रवीण तिवारी के मामले को लेकर भाजपा में ही इस कार्रवाई पर विरोध के सूर सुनाई देने लगे हैं।
प्रवीण तिवारी के जवाब में छुपे है कई सवाल
भाजपा से छ: वर्षो के लिये निष्कासित प्रवीण तिवारी ने 17 नवम्बर को प्रदेश अध्यक्ष के नाम कारण बताओं नोटिस का जवाब दिया था। नोटिस में 9 नवम्बर की घटना का जिक्र करते हुये कहा है कि जिलाध्यक्ष चुनाव के प्रति गंभीर नही थे। मोरवा सेक्टर में प्रचार-प्रसार की सामग्री न पहुंचने एवं बूथ तथा अध्यक्षों की बैठक का सवाल पूछने पर सवाल नागवार लगा। प्रवीण तिवारी ने आगे जवाब में लिखा है कि कोयला चोरी और मिलावट खोरी का कारोबार चल रहा है। जिसका मैं हमेशा से इसका विरोध करता रहा हूॅ। जिलाध्यक्ष मुझे लगातार टारगेट करते आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष के कार्यप्रणाली के रवैये से कई कार्यकर्ता परेशान है। इसके अलावा अन्य कई गंभीर आरोप लगाकर तहलका मचा दिया है। पार्टी से निष्कासित किये जाने के बाद प्रवीण तिवारी ने उक्त नोटिस को सोसल मीडिया में वायरल कर दिया है। नोटिस का जवाब वायरल होने के बाद मामला काफी तूल पकड़ा हुआ है।


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