गेंदबाजों की दरियादिली आस्ट्रेलिया के लिये चिंता का विषय


इंदौर (वार्ता) पांच अक्टूबर को शुरू होने से क्रिकेट विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ों का लचर प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिये चिंता का सबब बना हुआ है।

हाल में संपन्न दक्षिण अफ्रीका सीरीज और भारत के खिलाफ पिछले दो मैचों में आस्ट्रेलिया गेंदबाजों का प्रदर्शन औसत रहा है।

रविवार को इंदौर में भारतीय बल्लेबाज़ों ने उनकी जमकर पिटाई की और ऑस्ट्रेलिया को लगातार पांचवीं बार वनडे में हार का सामना करना पड़ा।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने पांच विकेट पर 399 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया।

इससे पहले साउथ अफ़्रीका ने लगातार वनडे मैचों में 416, 338 और 315 के स्कोर बनाए थे।

इन चार मैचों में से तीन में खेले शॉन ऐबट ने भारत के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में 10 ओवर में 91 रन ख़र्च किए थे।

ऐबट ने कहा, “ हमने एग्ज़िक्यूशन में लगातार ग़लतियां की हैं।

यह कहना आसान है कि हम ऐसी हार से सीखेंगे और ख़ुद को बेहतर बनाएंगे, लेकिन हमें एक्ज़िक्युट बेहतर करना ही होगा।

हमने साउथ अफ़्रीका में और आज भी, जब भी चूक की, तब हमें बड़ी मार पड़ी।

ऑस्ट्रेलिया के बचाव में कहा जा सकता है कि इन मैचों में एक बार भी उनकी पहली पसंद के गेंदबाज़ साथ नहीं खेले हैं।

हालांकि विश्व कप से पहले केवल एक और वनडे और दो और अभ्यास मैचों से पहले, और वह भी चेन्नई में मेज़बान भारत के विरुद्ध मैच से पहले एक चिंता का विषय है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रबंधन ने विश्व कप से पहले थकान से अपने खिलाड़ियों को बचाने की बात की है, लेकिन एक दूसरा पहलू है कि शायद कुछ खिलाड़ी तैयार भी ना हों।

ग्रॉइन इंजरी से परेशान मिचेल स्टार्क पिछले सात वनडे नहीं खेल पाए हैं लेकिन बुधवार को आख़िरी मैच में वह खेलने की उम्मीद रख रहें हैं।

चोटों और पितृत्व अवकाश के चलते ग्लेन मैक्सवेल और ऐश्टन एगार भी अनुपलब्ध रहें है और फ़िलहाल दोनों के फ़िटनेस को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

इंदौर में पैट कमिंस और मिचेल मार्श दोनों को आराम दिया गया था।

कमिंस हाल ही में कलाई के चोट से लौटे थे और सीरीज़ से पहले तीनों मैच खेलने की उम्मीद जता रहे थे।

मार्श ने पिछले छह लगातार मैच खेले थे लेकिन एक में भी गेंदबाज़ी नहीं की थी।

विश्व कप स्क्वॉड में दो बैक-अप तेज़ गेंदबाज़, स्पेंसर जॉनसन और नेथन एलिस के फ़िटनेस को लेकर भी चिंताएं बनी हैं।

हैमस्ट्रिंग में तक़लीफ़ के चलते जॉनसन इंदौर में वनडे डेब्यू पर केवल आठ ओवर कर पाए थे।

हालांकि 315 या उससे अधिक रन लुटाए गए मैचों में से अधिकतर मैचों में जॉश हेज़लवुड और ऐडम ज़ैम्पा खेले हैं।

हेज़लवुड ने इंदौर में सम्मानजनक गेंदबाज़ी की लेकिन साउथ अफ़्रीका में दो बार अपने करियर के सबसे महंगे स्पेल डाले।

ज़ैम्पा ने इन मैचों में 8.33 प्रति ओवर की इकॉनमी से गेंदबाज़ी की और सेंचूरियन में रिकॉर्ड 0/113 का फ़िगर अपने नाम किया।

इनके अलावा ऐबट, कैमरन ग्रीन और मार्कस स्टॉयनिस सब विश्व कप स्क्वॉड का हिस्सा रहे हैं।

स्टॉयनिस ने दो लगातार वनडे में गेंदबाज़ी नहीं की है।

मैक्सवेल के मैच फ़िटनेस की कमी, स्टॉयनिस के फ़ॉर्म की कमी और मार्श की गेंदबाज़ी के अभाव में ग्रीन विश्व कप टीम में संतुलन बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे, हालांकि ख़ुद गेंद और बल्ले के साथ वह फ़ॉर्म में नहीं हैं।

ऐबट ने कहा, “ हमने 400 के क़रीब फिर दिए, लेकिन हमारी डेथ गेंदबाज़ी बेहतर थी।

हम एग्ज़िक्यूशन और स्टंप पर अधिक गेंदबाज़ी करने में बेहतरी कर सकते हैं।

हमारे पास काफ़ी कुशल गेंदबाज़ हैं।

मैंने बस साउथ अफ़्रीका में और इस दौरे पर देखा है कि बल्लेबाज़ कुछ ज़्यादा ही अच्छे हैं।

अगर आप स्टंप पर गेंद को नहीं रखेंगे तो कोई आपको नहीं बख़्शेगा।

उन्होने कहा “ मुझे लगा है मैंने कुछ ग़लतियों को लगातार दोहराया है लेकिन फिर भी मैं लगातार बेहतरी कर रहा हूं।

मुझे लगता है कुछ और खिलाड़ी भी ऐसा सोचते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के समर्थक निराश होंगे लेकिन हम काफ़ी आत्मविश्वासी हैं।


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