सब कुछ बदला,जिला पंचायत दफ्तर की नहीं बदली सूरत


परिसर ही बना थूक दान, अधिकारी,कर्मचारी बेपरवाह, दफ्तर भवन के चारो-तरफ झाडिय़ां ही झाडिय़ां

सिंगरौली: जिला मुख्यालय के कई दफ्तरों का सब कुछ बदल रहा है। परन्तु जिला पंचायत के दफ्तर का कुछ नहीं बदला है। भवन के शुभारंभ से लेकर तकरीबन 8 साल से परिषद् की हालत पूर्ववत है। जिला पंचायत भवन के परिसर को स्वच्छ, साफ-सुथरा एवं हरा-भरा बनाने में शायद किसी की रूचि नहीं है। वर्तमान में साहबों की कार्यप्रणाली जगजाहिर है।गौरतलब हो कि जिला पंचायत बैढऩ,सिंगरौली का भवन जब बनकर करीब 7 साल पूर्व तैयार हुआ था। उस दौरान तत्कालीन कलेक्टर एम.शैलवेन्द्रम ने मीडिया कर्मियों से चर्चा के दौरान कहा था कि जिला पंचायत भवन का परिसर साफ-सुथरा व सामने पार्कों के हरियाली से भरा रहेगा।

हालांकि उनके कार्यकाल में भवन बना और शुभारंभ भी हुआ। तभी से जिला पंचायत में आने जाने वाले लोग बड़े उम्मीद के साथ देखते आये कि अब तब में जिला पंचायत परिसर साफ-स्वच्छ व चारो तरफ हरा-भरा नजर आयेगा। किन्तु हैरानी की बात है कि सब कुछ बदला, लेकिन जिला पंचायत परिसर की सूरत नहीं बदली है। आलम यह है कि प्रवेश द्वार के पहले पार्क के नाम पर स्थान तय है। यहां घास-फूस, झाडिय़ों का बोलबाला है। यही हालत परिसर के चारो-तरफ का है। हद तो तब हो जा रही है, भवन के अंदर आंगन में पेंड़, पौधे लगाये गये हैं, लेकिन उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं किया जा रहा है। यहां तक की इन पेंड़-पौधों के इर्द-गिर्द गुटखा, पान खाकर थूकने वाले गुरेज नहीं करते। जिसके चलते यहां थूकदान तक भी कहा जाने लगा है। फिलहाल जिला पंचायत को साफ-सुथरा एवं हरा-भरा क्यों नहीं बनाया जा रहा है इस पर भी लोगों के द्वारा तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी देते हुए कहा है कि विभाग प्रमुख इन बातों पर गंभीर नहीं हैं।
०००००००
बैठकों में भी माननीय नहीं उठाते मुद्दा
जिला पंचायत में दूसरे-तीसरे माह सामान्य सभा से लेकर अन्य स्थायी समितियों की बैठक भी आयोजित की जाती है और यहां जिला पंचायत के करीब-करीब सभी सदस्यों का लगातार आना जाना लगा रहता है। इसके बावजूद परिसर को साफ-सुथरा, हरा-भरा बनाने के लिए किसी के द्वारा मुद्दा नहीं उठाया जाता। यहां तक की बैठकों में भी इस मामले में शायद किसी ने जोर-शोर से प्रश्न नहीं उठाया। जिसके चलते जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी भी उदासीन बने हुए हैं। तकरीबन 7 साल बाद भी जिला पंचायत के इर्द-गिर्द झाडिय़ों के लगे अंबार से विभाग प्रमुखों, कर्मचारियों की कार्यशैली पर तरह-तरह के सवाल उठाये जाने लगे हैं और साफ तौर पर कहा जा रहा है कि इस दफ्तर में इन दिनों सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल र हा है।

जनपदों का भी यही सुरते हाल है
जब जिला पंचायत भवन परिसर साफ-सुथरा नहीं है तो जनपद एवं ग्राम पंचायतों से उम्मीद कैसे की जा सकती है। आलम यह है कि जनपद पंचायत देवसर, बैढऩ, चितरंगी में भी साफ-सफाई नजर नहीं आता। इन जनपद पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारी शायद इसके प्रति कभी गंभीर नजर नहीं आये। दफ्तर आये और चले गये। दफ्तर के आस-पास गंदगी क्यों है शायद कभी अपने अधीनस्थों से चर्चा भी नहीं करते। यहां के शौंचालयों की हालत बेहद खराब है। वहीं ग्राम पंचायतों को भले ही हर साल पोताई के नाम पर हजारों रूपये खर्च कर दें लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायतों का परिसर साफ-सुथरा नहीं है।


नव भारत न्यूज

Next Post

खनहना चेक पोस्ट पर जारी है उगाही-बगाही

Mon Jul 10 , 2023
टोकन के नाम पर ट्रक चालक से अपडाउन का हजार रूपये वसूलने का वीडियो सोशल मीडिया में हो रहा वायरल सिंगरौली :मोरवा क्षेत्र के यूपी सीमावर्ती चेक पोस्ट खनहना का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चेक पोस्ट पर एक चालक से वसूलीबाज पांच-पांच […]