सूबेदार एवं उप निरीक्षक अपने क्षेत्र का निरंतर भ्रमण करें


पुलिस उपायुक्त यातायात बैठक में दिए निर्देश

इंदौर: रविवार को पुलिस उपायुक्त यातायात मनीष कुमार अग्रवाल के द्वारा पुलिस कमिश्नर कार्यालय सभागार में यातायात प्रबंधन पुलिस, महानगर इंदौर में पदस्थ राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारी निरीक्षक, सूबेदार एवं उप निरीक्षकों की मीटिंग ली. बैठक में सुगम, सुरक्षित एवं सुखद यातायात हेतु प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए.पुलिस उपायुक्त ने मीटिंग में सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया. इसके बाद शहर के यातायात को सुगम, सुरक्षित एवं सुखद बनाने के लिए सभी अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए गए. वर्तमान में यातायात प्रबंधन में कुल 6 क्यूआरटी टीमें यातायात प्रबंधन का कार्य कर रही है, सभी क्यूआरटी का नंबर जोन के आधार पर कर, बेहतर यातायात प्रबंधन हेतु प्रत्येक जोन में दो-दो क्यूआरटी टीमें बनाकर प्रत्येक क्यूआरटी में 5-5 अधिकारी / कर्मचारी रहेंगे.

सहायक पुलिस आयुक्तगण अपनी-अपनी क्यूआरटी का यातायात के दबाव के आधार पर दो-दो निश्चित नोडल पाईंट बनाएंगे, जो उनके नेतृत्व में कार्य करेगी. सभी क्यूआरटी टीम अपने साथ पीए सिस्टम रखेंगे. सभी अधिकारी अपने साथ बॉडीवार्म कैमरा रखेंगे. सभी सहायक पुलिस आयुक्त अपनी टीमों को निरंतर क्षेत्र में भ्रमण कर चेक करेंगे. सभी सूबेदार एवं उप निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र का भ्रमण करेंगे. क्षेत्र में पड़ने वाले प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, होटल, लॉज, धर्मशाला, धार्मिक स्थल, हास्पिटल, मॉल, सिनेमा घर, हाट बाजार की जानकारी संकलित करेगें. इन सभी स्थलों की पार्किंग का अवलोकन कर बेहतर पार्किंग प्लान एवं रोड डायवर्सन प्लान को अपने एक्शन प्लान में सम्मिलित करेंगे. हेलमेट पहरने के लिए प्रेरित करने हेतु रोको टोका अभियान चलाएंगे. इस दौरान चालानी कार्रवाई नहीं होगी.

घरों पर जाकर वसूलेंगे चालान
रेड लाइट उल्लंघन के आरएलवीडी के ई-चालान का समन शुल्क जमा करवाने हेतु जोनवार प्रभारी सूबेदार द्वारा मोबाईल कोर्ट लगाकर व एक दिन पूर्व मीडिया के माध्यम से सूचना जारी कराकर अधिक से अधिक आरएलवीडी के चालानों का भुगतान कराया जाएगा. प्रतिदिन आरएलवीडी के चालान टीएमसी में लगे साफ्टवेयर में जनरेट होते हैं. उल्लंघन करने वालो को 7 दिन का समय चालान भुगतान करने हेतु दिया जाता है, ऐसे व्यक्ति जो ई-चालान का भुगतान नहीं करते है, 7 दिन पश्चात आरटीओ की वेबसाईट से वाहन नंबर के आधार पर वाहन स्वामी का नाम, पता व मोबाईल नंबर की जानकारी निकाल कर वाहन स्वामी के मूल पते के आस-पास जो यातायात की टीम लगी रहेगी वे उनके घरो पर जाकर ई-चालानो के समन शुल्क भुगतान की कार्यवाही करेगें.


नव भारत न्यूज

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