तेदुओं को खतरा:शिकारी के फंदे में मिला एक और


1 दिन में मिली 2 तेंदुओं की लाशे
सतना :जिले के जंगलों में विडाल वंशी टाइगर्स और पैंथर्स की संख्या बढ़ने के साथ ही उन पर खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ही दिन में दो तेन्दुओ की लाश मिलने के बाद अब एक और तेंदुआ शिकारियों के फंदे में फंसा पाया गया है। गनीमत है कि तेंदुआ सिर्फ जख्मी हुआ है।सतना वन मंडल के नागौद रेंज में एक तेंदुआ शिकारी के लगाए फंदे में फंसा मिला है। नर तेंदुए की उम्र ढाई वर्ष बताई जा रही है। वह नागौद रेंज की गुढहा बीट के कक्ष क्रमांक पी 367 में पाया गया।

बताया जाता है कि वन विभाग की सर्चिंग टीम को शनिवार की शाम गुर्राहट की आवाज सुनाई दी। टीम ने आवाज की दिशा में जा कर देखा तो वहां तेंदुआ फंदे में फंसा छटपटाता दिखा। उसका दाहिना पंजा फंदे में फंसा हुआ था। सर्चिंग टीम से सूचना मिलने पर वन अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और फिर मुकुंदपुर रेस्क्यू सेंटर से टीम बुलाई गई। लेकिन जब तक 6 सदस्यीय टीम डॉक्टर के साथ पहुंची तब तक अंधेरा हो चुका था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ट्रैंकुलाइज कर तेंदुए को फंदे से मुक्त कराया गया। तेंदुए को इलाज के लिए मुकुंदपुर ले जाया गया है।

उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी को एक ही दिन में मझगवां रेंज में दो तेन्दुओ के शव मिले थे। एक नर तेंदुआ मझगवां रेंज की वन चौकी के पास पहाड़ी पर मृत मिला था जबकि मादा तेंदुआ का शव ओरमानी बीट में कुएं में पड़ा पाया गया था। वन विभाग ने वन चौकी के पास मृत पाए गए तेंदुए की मौत की वजह तेंदुओं के बीच आपसी संघर्ष बताई थी जबकि कुएं में गिरकर हुई मादा तेंदुए की मौत का प्रारंभिक कारण दुर्घटना बताया था। हालांकि, स्पष्ट कारण जानने के लिए वन अमले को दोनों की पीएम रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है।


नव भारत न्यूज

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