सब्जी के ट्रक में बैठ पाकिस्तान पहुंचा,जासूस समझा,फिर वतन लौटा


सहमा राजू अब गाँव की सीमा लांघने से भी डरेगा

खंडवा: फिल्मों के लिए भले घिसी-पिटी कहानी हो, लेकिन खंडवा जिले के राजू पर सच साबित हो गई। मांधाता के इंधावड़ी का राजू पाकिस्तान तक कैसे पहुंच गया? पाकिस्तानियों ने उसे जासूस समझा और कि स तरह की यातनाएं दीं? उसे मारा भी खूब और जेल मैन्यूअल के मुताबिक मांसाहारी भोजन भी दिया। माला और कंगन जेल में बनवाए।अब राजू पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि मेहरबान हो गए हैं। प्रधानमंत्री मद की योजना वाले नए घर में रहेगा। पाउच और नमक, चायपत्ती की दुकान मां के साथ चलाएगा। राजू पाकिस्तानी यातनाओं से इतना डर गया है कि व कुछ साल से इंधावड़ी गांव की सरहद पार करने में भी डरेगा।
लिफ्ट लेकर
आगे बढ़ता गया
राजू पाकिस्तान की सीमा कैसे पार कर गया? वह काफी कम बोलता है। उसने बताया कि इंधावड़ी, सनावद होते हुए लिफ्ट लेते हुए वाहनों में बैठता गया। दिशाहीन यात्रा ने उसे उन लोगों के ट्रकों तक पहुंचा दिया,जहां से लाइसेंसी व्यापारी अरबी व अन्य सब्जियां पाकिस्तान भेजते हैं। वह थोड़ा मंदबुद्धि तो था। दुबककर बोरों में बैठ गया। वाहन खाली हुआ तो वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सौंप दिया। ये पुलिस और देश पाकिस्तान था।
जासूस समझा,खूब मारा
बस, यहीं से राजू की जिंदगी का कुचक्र शुरू हो गया। पुलिस ने उसे सेना को सौंप दिया। इसके बाद शक की सुई ने सीधे साधे राजू को जासूस बना दिया। फिर वैसा ही हुआ, जो दुश्मन देश की फिल्मों में हम देखते आए हैं। पूछताछ वालों ने जी-भरकर यातनाएं दीं। कन्फर्म हो गए कि यह गलती से आ गया है।
पाक न्यायालय भी मुकदमा चला
इसके बाद हर छह महीने में अलग-अलग जेलों में भेजते गए। नजर पूरी रखी गई। उससे छोटी मोटी मजदूरी करवाई गई। इसी बीच पाकिस्तानी न्यायालय में केस भी चलाया गया। वहां भी कुछ वकील इस तरह के केसों में मदद करते हैं। भारत की तरफ से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की छवि और दबंग छवी के कारण राजू को रिहाई में सहायता मिली।
सबके सहयोग का नतीजा
खंडवा के तत्कालीन सांसद नंदकुमार चौहान, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल,विधायक नारायण पटेल, दूतावास और विदेश मंत्रालयों के अलावा सबसे ज्यादा राजू की माँ ने लोकल मीडिया के सहयोग से जीतोड़ मेहनत की। अन्य लोगों ने भी काम किया। कलेक्टर भी सरकारी योजनाएं दिलवा रहे हैं। कुल मिलाकर, मौत के जबड़े से निकलकर राजू जैसा गरीब आदमी अपने वतन और गांव लौट आया। उसे कठोर यातनाएं भी सहनी पड़ीं। दुश्मन देश होने के कारण भी राजू बचकर लौट आया, यह बड़ी बात है।
विधायक ने भोजन कराया
मूंदी में मांधाता विधायक नारायण पटेल के निवास पर ग्राम राजू पिता लक्ष्मण का पुष्पहार से स्वागत कर भोजन कराया। दीपक पटेल, नगर परिषद मूंदी की ओर से सांसद प्रतिनिधी चंद्रमोहन राठौर, अमित खनूजा ने स्वागत किया। राजू ने पाकिस्तान में बिताए पांच साल के बारे में बताया। शुरू में जासूसी की शंका में सख्ती से पूछताछ की जाती थी। राजू एवं उसकी माता पिता ने राजू की वापसी पर जनप्रतीनीधी एवं मांधाता विधायक नारायण पटेल को धन्यवाद दिया।


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