दुनिया इस समय गहरे भू-राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजर रही है. यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व का तनाव, महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा और आर्थिक अस्थिरता ने वैश्विक व्यवस्था को असमंजस की स्थिति में खड़ा कर दिया है. ऐसे समय में नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 केवल एक कूटनीतिक सम्मेलन […]

बिहार की राजनीति में एक लंबे और निर्णायक दौर का अंत हो गया है. लगभग दो दशकों तक राज्य की सत्ता का केंद्र रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. इसके साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि अब बिहार की राजनीति एक […]

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित प्रदेश की पहली ऐतिहासिक ‘कृषि कैबिनेट’ केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह राज्य की नीति दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक बदलाव का संकेत है. वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ […]

पश्चिम एशिया (ईरान, इजरायल, अमेरिका) में भडक़ी ताज़ा जंग अब केवल सामरिक टकराव नहीं रही, बल्कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट का रूप ले चुकी है. युद्ध की राजनीतिक और सैन्य परतों पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी है, किंतु असली चिंता उस आर्थिक भूचाल की है जिसकी आहट […]

इसराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खैमनई मारे गए हैं. इस वजह से स्थिति और भयावह हो गई है. ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए आठ खाड़ी के देशों पर हमला किया है. पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी दूतावास के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुए […]

फरवरी 2026 भारत-इज़राइल संबंधों के इतिहास में एक निर्णायक अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25-26 फरवरी की इज़राइल यात्रा के दौरान द्विपक्षीय रिश्तों को ‘शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया जाना केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार को इज़राइल की संसद नेसेट में दिया गया संबोधन केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह दो प्राचीन सभ्यताओं के बीच विकसित होते रणनीतिक विश्वास का सार्वजनिक उद्घोष था. इज़राइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर मोदी ने इतिहास के पन्नों […]

भारत सरकार द्वारा जारी की गई पहली व्यापक और औपचारिक आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि बदलते सुरक्षा परिवेश के प्रति भारत की स्पष्ट और दृढ़ घोषणा है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी यह नीति इस बात का संकेत देती है कि आतंकवाद अब पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं […]

भारत सरकार द्वारा जारी की गई पहली व्यापक और औपचारिक आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि बदलते सुरक्षा परिवेश के प्रति भारत की स्पष्ट और दृढ़ घोषणा है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी यह नीति इस बात का संकेत देती है कि आतंकवाद अब पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं […]

प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के कथित महासचिव देवूजी का सरेंडर केवल एक संगठनात्मक घटना नहीं है, बल्कि यह उस लंबे और रक्तरंजित अध्याय के अंत का संकेत है, जिसने दशकों तक भारत के अनेक राज्यों को हिंसा की आग में झोंक रखा था. जिस व्यक्ति पर विभिन्न राज्यों में एक करोड़ […]