दूरसंचार कंपनियों को मिली बड़ी राहत

नयी दिल्ली 15 सितंबर (वार्ता) भारी वित्तीय दबाव के तले दबी दूरसंचार कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने उन पर शुल्क , ब्याज और दंड ब्याज के प्रावधानों में भारी राहत देने तथा कारोबार सुगमता के लिए कई दूरगामी निर्णयों की आज घोषणा की।
दूरसंचार कंपनियों के सकल समायोजित राजस्व (एजीआर) को पुन: परिभाषित करते हुए इसमें दूरसंचार से इतर के राजस्व को हटाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही कंपनियों को लाइसेंस फीस और अन्य शुल्कों के बकायों के भुगतान के लिए चार साल की मोहलत के साथ दस वर्ष का समय दिया गया है। कंपनियों पर दंड ब्याज माफ करने के साथ साथ ब्याज के बोझ को हल्का करने का भी फैसला किया गया है। सरकारी राजस्व के बचाव के लिए राहत की अवधि में कंपनियों को बकाये पर स्टेट बैंक की एमसीएलआर (धन की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर) से दो प्रतिशत ऊंची दर से ब्याज देना होगा। पहले यह दर एमसीएलआर से चार प्रतिशत ऊंची थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इन निर्णयों की जानकारी देते हुए संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा , “ कंपनियों को यह राहत एजीआर संबंधी बकायों पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय , कानूनी व्यवस्था और सरकार के राजस्व को संरक्षित रखते हुए किया गया है। इससे कंपनियों के लिए धन का प्रवाह बढेगा और वे 4 जी तथा 5 जी प्रौद्योगिकियों पर निवेश बढा सकेंगी और इससे उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। ” उन्होंने स्पष्ट किया कि छूट संबंधी फैसले अगली तिथि (एक अक्टूबर) से लागू होंगे।
कंपनियों को अब स्पेक्ट्रम बीस के बजाय तीस वर्ष के लिए आवंटित किया जायेगा लेकिन यदि वे चाहें तो इसे दस वर्ष बाद लौटा सकती हैं। सरकार ने साथ ही हर वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए नियमित व्यवस्था करने का भी फैसला किया है।
कारोबार में सुगमता तथा उपभोक्ताओं की आसानी के लिए केवाईसी प्रक्रिया को ऐप आधारित बनाने और कागजी रिकार्ड की जरूरत को खत्म करने का भी फैसला किया गया है।
श्री वैष्णव ने कहा , “ आज के नौ संरचनात्मक और पांच प्रक्रियागत सुधारों से न सिर्फ टेलीकॉम कंपनियां वित्तीय दबाव को झेलने में सक्षम होगी बल्कि रोजगार के अवसरों की रक्षा और सृजन , स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा ,उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी तथा कंपनियों के पास नकद धन का प्रवाह बढेगा , निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) पर नियामक बोझ कम होगा। ”
उन्होंने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करने में दूरसंचार क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रदर्शन, डेटा की खपत में भारी वृद्धि, ऑनलाइन शिक्षा, घर से काम, सोशल मीडिया के माध्यम से पारस्परिक संपर्क, आभासी बैठक आदि की पृष्ठभूमि में ये सुधारात्मक उपाय ब्रॉडबैंड और दूरसंचार कनेक्टिविटी के प्रसार और पैठ को और अधिक प्रोत्साहित करेंगे।
संचार मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल का यह फैसला प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की पसंद, समावेशी विकास के लिए अंत्योदय, हाशिए के क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाने और असम्बद्धों को जोड़ने के लिए सार्वभौमिक ब्रॉडबैंड की पहुँच के साथ एक मजबूत दूरसंचार क्षेत्र के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पुष्ट करता है। इस पैकेज से 4 जी प्रसार, तरलता बढाने और 5जी नेटवर्क में निवेश के लिए अनुकूल माहौल के निर्माण को प्रोत्साहित करने की भी अपेक्षा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष हुयी नीलामी को छोड़कर पहले खरीदे गए स्पेक्ट्रम के देय भुगतान पर, शुद्ध वर्तमान मूल्य के संगत नीलामी में नियत ब्याज पर चार साल तक की राहत दी गयी है। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को भुगतान से राहत उत्पन्न होने वाली ब्याज राशि को इक्विटी के माध्यम से भुगतान करने का विकल्प दिया जाएगा। सरकार के विकल्प पर, अधिस्थगन अवधि के अंत में उक्त भुगतान से संबंधित देय राशि को इक्विटी में परिवर्तित किया जा सकेगा, जिसके लिए वित्त मंत्रालय द्वारा दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा। सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए लागू होगा। तरलता और नकदी प्रवाह को आसान बनाकर राहत प्रदान किया जायेगा। इससे विभिन्न बैंकों को दूरसंचार क्षेत्र में पर्याप्त निवेश करने में भी मदद मिलेगी।

नव भारत न्यूज

Next Post

आईपीएल में इस बार दर्शकों की 'सीमित संख्या' में होगी वापसी

Wed Sep 15 , 2021
दुबई, 15 सितम्बर (वार्ता) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 2019 संस्करण के बाद एक बार फिर दर्शकों को स्टेडियम में बैठकर मैच देखने का मौक़ा मिलने जा रहा है। ईएसपीएन क्रिकइंफो को जानकारी मिली है कि मंगलवार को आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हेमंग आमिन ने सभी फ़्रेंचाइज़ियों को […]