रीते बांधों के लिए उम्मीदों की बारिश, तवा डैम के पांच गेट खोले

खंडवा:  पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठे मानसून ने मध्यप्रदेश के नर्मदा बेल्ट को तरबतर कर दिया है। यह इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर परियोजना के साथ किसानों और पेयजल स्रोतों के लिए खुशी की खबर है। होशंगाबाद के पास स्थित तवा डैम के 5 गेट 5 फीट तक खोल दिए गए हैं। इससे 44,000 क्यूसेक पानी नर्मदा में रिलीज हो रहा है। करीब 15000 क्यूसेक पानी अन्य नदियों और बारिश से हंडिया तक पहुंच रहा है, जो इंदिरा सागर में आएगा।

मतलब, 60000 क्यूसेक पानी इंदिरा सागर को मिल रहा है, इससे वाटर लेवल तेजी से बढ़ेगा। यह पानी सीधे नर्मदा में आकर मिल रहा है। इसके अलावा इटारसी, सिवनी मालवा, हरदा, खिरकिया व खालवा की जंगल पट्टी में भी बरसात हुई है। जिसका पानी नर्मदा में छोटी नदियों से आ रहा है। होशंगाबाद से होते हुए पानी इंदिरा सागर का वाटर लेवल बढ़ाने लगेगा। यह भरने के बाद पानी ओंकारेश्वर बांध में बिजली बनाने के बाद छोड़ा जाएगा। ओवरफ्लो की संभावना अभी कम है, क्योंकि इंदिरा सागर का पेट ही इतना बड़ा है कि उसे भरने में वक्त लगेगा।

बरगी भी पूरा नहीं भरा
नर्मदा के उद्गमस्थल की तरफ भी मानसून सक्रिय है। वहां अभी बरगी डैम जबलपुर नहीं भर रहा है, इसलिए ओवरफ्लो होने के बाद ही नर्मदा में पानी होशंगाबाद के रास्ते इंदिरा सागर पहुंचेगा।

ऐसे भरेगा इंदिरा सागर ऐसे भरेगा इंदिरा सागर में पानी
सीजन में पहली बार तवा डैम के 5 गेट खोलकर 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा में जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले साल से 24 दिन देरी से गेट खुले हैं। इतने दिनों में इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर के बिजली कारखानों को अरबों का घाटा हो गया। खंडवा समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है। होशंगाबाद, पचमढ़ी और बैतूल क्षेत्र में जमकर बारिश हुई।

तवा के पांच गेट खोले
इसका असर हुआ कि सीजन में पहली बार तवा डैम के 5 गेट 5 फीट तक बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे खोले गए। इनसे 44 हजार 65 क्यूसेक पानी छोड़ा जा है। इसकी वजह से नर्मदा का जलस्तर बढ़ने लगा है। तवा डैम का जलस्तर सीजन में पहली बार अधिकतम जलस्तर 1166 फीट के करीब पहुंचा है। पिछले साल से 24 दिन देरी से बुधवार को डैम के 5 गेट खोले गए। डैम में 13 गेट हैं।

बंगाल की खाड़ी से आए बादल
पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश के कई जिलों में मंगलवार पूरी रात बारिश हुई। कैंचमेंट क्षेत्र बैतूल और पचमढ़ी क्षेत्रों में अच्छी बारिश की वजह से तवा डैम में जलस्तर बढ़ा। इससे तवा डैम के खोले गए है। पिछले साल 22 अगस्त को पहली बार तवा बांध के 5 गेट खोले गए थे। इस बार 24 दिन से 15 सितंबर बुधवार को गेट खोले गए।

बढ़ने लगा नर्मदा में पानी
इधर तवा का पानी आने से होशंगाबाद में नर्मदा का जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। नर्मदा नदी का जलस्तर 937 फीट पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 31 फीट नीचे है। तवा डैम का जलस्तर 1166 फीट के अधिकतम लेवल के करीब पहुंच गया।

बरगी डैम है रीढ
नर्मदा के उद्गम क्षेत्र व बरगी डैम के ऊपरी क्षेत्र में बारिश कम हो रही है। इस वजह से धीमी गति से बरगी का जलस्तर बढ़ रहा है। 5 दिन में लगभग दो फीट डैम में पानी बढ़ा है। मंगलवार को सुबह 1382 फीट जलस्तर से था। बुधवार सुबह तक एक फीट बढ़कर 1383 हो गया है। बरगी डैम से एक बार भी पानी नहीं छोड़ा गया है।

नर्मदा नदी (सेठानी घाट) को भी जानें
होशंगाबाद में नर्मदा नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। पिछले 2 दिन में आधे फीट पानी की बढ़ोतरी हुई। 937 फीट जलस्तर पहुंच गया। नर्मदा में जलस्तर बढ़ने से एक फीट ऊंची लहरें उठ रही है। नर्मदा खतरे का निशान 967 फीट है।

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