नवंबर तक पूरा होगा नाला टे्रपिंग कार्य


निर्धारित समय से पिछड़ा तालाब सौंदर्यीकरण व डिसिल्टिंग का कार्य

सागर 14 सितंबर. ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के सौंदर्यीकरण और डिसिल्टिंग का चल रहा कार्य निर्धारित समय से काफी धीमे चल रहा है. तालाब में मिलने वाले शहर के नालों की ट्रेपिंग का कार्य अब नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद की जा रही है. अब तक इस कार्य में मोंगा बंधान का कार्य लगभग पूरा माना जा सकता है.
ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के सौंदर्यीकरण और डिसिल्टिंग के साथ ही तालाब में मिलने वाले नालों को टे्रप करने का काम एक वर्ष पूर्व शुरू हुआ था. डिसिल्टिंग का काम तो पिछले डेढ़ माह से बारिश के कारण ठेकेदार कंपनी अश्वथ इनफ्राट्रेक द्वारा रोक दिया गया था. तालाब सौदर्यींकरण में डिसिल्टिंग के अलावा सबसे महत्वपूर्ण तालाब में शहर के नालों से आकर मिलने वाली गंदगी को माना जाता है. इसी के तहत करीब तीन दर्जन से अधिक नालों के द्वारा मिलने वाली गंदगी को रोकने इन्हें टे्रप किया जाना है.
मिली जानकारी के अनुसार तालाब के चारों के ओर के नालों की गंदगी रोकने 5300 मीटर की नाला टे्रपिंग लाईन बिछाई जानी है. चकराघाट से मोंगा बंधान की ओर का नाला टे्रपिंग का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है. बताया जाता है कि अब तक करीब 3900 मीटर में नाला टे्रपिंग लाईन बिछाई जा चुकी है. शेष करीब 1400 मीटर लाईन अगले दो माह में बिछाने का लक्ष्य तय किया गया है. उल्लेखनीय है कि तालाब सौदर्यींकरण कार्य के तहत डिसिल्टिंग का कार्य बारिश के चलते कंपनी द्वारा रोक दिया गया था. बारिश रूकने के बाद एक बार फिर झील का पानी खाली करने का काम शुरू होगा, इसके बाद ही डिसिल्टिंग का कार्य प्रारंभ किया जायेगा.
मालूम हो कि तालाब सौदर्यीकरण कार्य के तहत मोंगा बंधान का काम लगभग पूरा कर लिया गया है. बांध पर चार चेंबर बनाए जाना है, जिनके लिए जगह छोड़ी गई है और यह कार्य भी जल्द ही कराया जायेगा. तालाब के घाटों का निर्माण एवं सौंद्रर्यीकरण कार्य मंगलवार से ही शुरू कर दिया गया है. जिसके तहत सबसे पहले गंगा घाट का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया.

नव भारत न्यूज

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