भारत को नॉलेज सुपर पॉवर बनाएगी राष्ट्रीय शिक्षा नीतिगवर्नर केरल


अंग्रेजी के बिना प्रगति नहीं हो सकती यह एक भ्रम, उच्च शिक्षा मंत्री
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश और एमसीयू अग्रणी कुलपति
एमसीयू में ष्राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित प्रोग्राम का शुरू
नवभारत न्यूज
भोपाल, 13 सितंबर. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए

क्रियान्वयन पर केन्द्रित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्यप्रदेश  शासन में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने किया. एफ डीपी में 23 राज्यों के 200 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन शामिल हो रहे हैं. एफ डीपी को संबोधित करते हुए राज्यपाल खान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य दुनिया में भारत को शिक्षा के क्षेत्र में सुपर नॉलेज पावर बनाना है. यह शिक्षा नीति युवाओं को और अधिक स्किल्ड बनाएगी. वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय भाषाओं का सम्मान और संवर्धन करती है. यह एक भ्रम है कि सिर्फ अंग्रेजी से प्रगति हो सकती है. कुलपति प्रो. सुरेश ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश और एमसीयू अग्रणी भूमिका में हैं.

एफ डीपी के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि एवं केरल के राज्यपाल आरिफ खान ने कहा कि हमारे देश का मंत्र है. आनो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वतो अर्थात हम अच्छे विचारों का सब ओर से स्वागत करते हैं. यह हमारी संस्कृति है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी भारतीय संस्कृति के सर्वसमावेशी विचार पर जोर देती है. यह विविधताओं का सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थी के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने वाली है.
विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह एक भ्रम है कि अंग्रेजी के बिना प्रगति नहीं हो सकती. हमें जापान और फ्रांस सहित दुनिया के अनेक देशों को देखना चाहिए, जो अपनी मातृभाषा में ही कार्य करते हैं. हमारे पास तो भाषाओं का गुलदस्ता है. उन्होंने कहा कि किसी भाषा से दिक्कत नहीं है लेकिन यदि अपनी मातृभाषा में शिक्षा मिले तो अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त होंगे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय भाषाओं का सम्मान और संवर्धन करती है. जब हम अपनी शिक्षा नीति की बात करते हैं तब हम अपनी जडों से जुड कर बात करते हैं. हमें 1947 में ही मैकाले की शिक्षा नीति से मुक्त हो जाना चाहिए था. शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया का सबसे युवा देश भारत है.
एमसीयू राष्टीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला विवि. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला पहला प्रदेश है. उन्होंने कहा कि हम पहले विश्वविद्यालय हैं, जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 7 पाठ्यक्रम लागू किये हैं. जिनमें 5 मीडिया के पाठ्यक्रम हैं. कुलपति प्रो. सुरेश ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को फि र से ज्ञान के क्षेत्र में विश्वगुरु बनाने वाला दस्तावेज है. उन्होंने बताया कि हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने के लिए अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू साइन किये हैं. जैसे एमसीयू के विद्यार्थी ओपन इलेक्टिव कोर्स में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ओपन इलेक्टिव कोर्स पढ़ सकेंगे और वहां के विद्यार्थी एमसीयू में संचालित ओपन इलेक्टिव कोर्स पढ़ सकेंगे.
विषय प्रवर्तन कुलसचिव और पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के संयोजक प्रो. अविनाश वाजपेयी ने किया. इस एफ डीपी में पांच दिन तक देशभर के विषय विशेषज्ञ उद्बोधन देंगे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में यह एफ डीपी बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 23 राज्यों से 200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं.

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