खंडवा में पुलिस हिरासत में मौत

बाइक चोरी के आरोपी को थाने पूछताछ के लिए ले आई थी पुलिस

गृहमंत्री बोले – उसे सांस की बीमारी थी; ओंकारेश्वर टीआई समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

खंडवा:  ओंकारेश्वर थाने में सोमवार देर रात एक चोरी के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। बाइक चोरी के आरोप में पुलिस उसे थाने लेकर आई थी। पूछताछ के बाद रात में उसकी हालत बिगड़ी और अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। मामले में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने टीआई गणपतलाल कनेल, एसआई मायाराम समेत दो कांस्टेबल को निलंबित कर न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सामने आएगा।
किशन पुत्र जीवालाल निवासी गांव गोगावा निपानी, जिला खरगोन को बाइक चोरी के आरोप में सोमवार को पुलिस पकड़कर थाने लाई थी। आरोपी से बाइक बरामद कर ली थी। नामजद आरोपी होने से पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसे खाना दिया। रात के करीब 12 बजे उसे घबराहट होने लगी। पुलिस उसे ओंकारेश्वर के सरकारी अस्पताल ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

गृहमंत्री बोले – मृतक आरोपी को सांस की बीमारी थी
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर बताया कि, खंडवा जिले के ओंकारेश्वर थाने में आरोपी किशन मानकर की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। किशन को भाई और अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में थाने लाया गया था। किशन के भाई का कहना है कि उसे सांस की बीमारी थी, लेकिन मृत्यु का असल कारण PM रिपोर्ट के आने के बाद पता चलेगा।

ज्ञातव्य है कि खंडवा में लोकसभा का उपचुनाव माथे पर है। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस की छवि आम जनता और सत्तारूढ़ प्रदेश सरकार का टारगेट भी धूमिल कर सकती है। पिछले दिनों बिस्टान में भी हिरासत में एक की मौत के बाद मचे उपद्रव से खरगोन के एसपी को ही मुख्यमंत्री ने हटा दिया था। अब खंडवा जिले में यह घटनाक्रम होने के बाद मध्य प्रदेश के गृहमंत्री खुद सचेत हुए हैं। 1 दिन पहले भी बुरहानपुर जिले में पुलिस टीम पर आदिवासियों ने पत्थरों और गोफन से हमला कर दिया था। जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मामला मुख्यमंत्री को गंभीरता से लेना चाहिए।

नव भारत न्यूज

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