विशेष उपकरण से करते थे एटीएम में चोरी

एटीएम में छेड़छाड़ कर चोरी करने वाली अंतर्राज्यीय गैंग पकड़ाई

इंदौर:  एटीएम मशीन में छेड़छाड़ कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली अन्तर्राज्यीय गैंग को क्राइम ब्राचं व परदेशीपुरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर पकड़ा है. गैंग के तीन आरोपियों को अवैध हथियार पिस्टल व कारसूस के साथ गिरफ्तार किया गया है. इनसे 3 अवैध पिस्टल, एक चार पहिया वाहन, तथा एटीएम मशीनों में रूपये चोरी करने में प्रयुक्त चिमटानुमा, पेचकस आदि उपकरण, 6 एटीएम कार्ड व नगदी 49,800 जप्त किए गए. आरोपियों ने इंदौर सिहत अन्य शहरो में एटीएम मशीनों से 3 दर्जन से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है. आरोपी विशेष उपकरण बनवाकर एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर वारदात को अंजाम देते थे.

एएसपी क्राइम गुरुप्रसाद पाराशर ने बतायाकि क्राईम ब्रांच की टीम को मुखबीर द्वारा परदेशीपुरा क्षेत्र में सूचना दी गई कि एक सफेद रंग की एक्सयूवी-500 गाड़ी शहर में अपराध करने की नीयत से लसूडिया विजय नगर हीरानगर तरफ घूम रही है. इसमें एक ड्रायवर सहित दो अन्य संदिग्ध व्यक्ति हैं. उनके पास अवैध हथियार हैं. उक्त गाड़ी का नंबर एमपी 09 सीक्यू 0681 है. मुखबीर की सूचना परर क्राईम ब्रांच टीम व परदेशीपुरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एमआर-4 रोड घटना स्थल भंडारी मिल ब्रिज के नीचे मुखबीर के बताये एक्सयूवी सफेद वाहन को घेराबंदी कर रोका.

पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम बजरंग उर्फ सावन पिता राजप्रताप सिंह सोमवंशी (29) निवासी प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश, मेहताब पिता मेहफूज हसन (32) निवासी प्रतापगढ़ उप्र और ड्रायवर मनीष कुमार पिता स्व. घनश्याम प्रसाद चौबे (43) निवासी जयसिंहनगर, सागर बताए. आरोपीयों की तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से 3 देसी पिस्टल व 6 जिन्दा कारतूस, चिमटानुमा, तारनुमा उपकरण व पेचकस एवं घटना में प्रयुक्त 6 एटीएम कार्ड व नगद 49,800 आदि बरामद किये गये. आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों ने शहर में विभिन्न थाना क्षेत्र लसूड़िया, हीरानगर, रावजी बाजार, छोटी ग्वालटोली, चंदनगर, एमजी रोड, परदेशीपुरा में एटीएम मशीनों में चोरी की घटना को 7 स्थानों मे चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यो व म.प्र. के कई शहरो में 3 दर्जन से अधीक घटानायों चोरी करना आरोपियों द्वारा कबूली है.

ऐसे करते थे वारदात
आरोपी किराये की विभिन्न तेज गति वाले लक्जरी कारों का उपयोग करते थे. वे अपने मूल स्थान को छोडकर देश के विभिन्न राज्यों व बडे शहरो में बैंको की एटीएम मशीन की रैकी करते थे. इसमें विशेषकर एसबीआई बैंक के एटीएम को सुनसान समय में निशाना बनाते थे. तीन से पांच आरोपी चार पहिया वाहन से वारदात को अंजाम देते थे. ड्रायवर द्वारा घटना करने वाले स्थान पर गैंग के अन्य सदस्यों को एक-एक कर घटना को अंजाम देने के लिये छोड़ा जाता था. एटीएम पर छोडे गये सदस्य एटीएम डेबिट कार्ड से रुपए निकालते थे. इसी दौरान राशि आहरित के समय चिमटानुमा, तारनुमा व पेचकस फंसाकर एटीएम मे तकनीकी खराबी की जाती है व एटीएम मशीन का मुंह खुला रहता है. उसके द्वारा पुनः एटीएम कार्ड का उपयोग कर राशि आहरित करता है जो उक्त आहरित होने वाली राशि पूर्व में लगाये चिमटे में फंसाकर बाहर निकाली जाती है. चूकिं ट्रांजेक्शन की प्रोसेस पूर्ण न होने से ट्रांजेक्शन फेल होकर रिवर्सल होता है परन्तु राशि की निकासी हो जाती है.

जेल में हुई थी ड्राइवर से मुलाकात
उक्त गैंग मूल रूप से प्रतापगढ़ उ.प्र. की रहने वाली है. वर्तमान संदिग्ध गैंग का मुखिया बजरंग उर्फ सावन है जो कि करीब 2 वर्ष पूर्व एटीएम चोरी से संबंधित मामले में सागर जेल में बंद था. यहां पर मनीष चौबे गाड़ी ड्रायवर से मुलाकात हुई थी. जेल से छूटने के बाद ड्रायवर से संपर्क किया व वर्तमान में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिये गाड़ी बुलवाई थी. इसके बाद अपने अन्य साथियों बजरंग व अन्य को साथ लेकर उक्त घटनाओं को अंजाम दिया था जिनके संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है. अन्य घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है.

नव भारत न्यूज

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