डेंगू और वारयल फीवर वैक्सीनेशन पर बना ग्रहण


कम हुई वैक्सीनेश कराने वाले हितग्राहियों की संख्या
15 सितंबर तक सभी को प्रथम डोज देने का टारगेट
विशेषज्ञों ने भी कहा डेंगू और वारयर में नहीं लगवाएं टीका
नवभारत न्यूज
भोपाल, 12 सितंबर. राजधानी भोपाल में इन दिनों डेंगू, चिकनगुनिया के साथ वायरल फ ीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अस्पतालों में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. इसका असर अब कोविड-19 के वैक्सीनेशन पर भी दिखने लगा है. हालांकि कुछ लोग वायरल फीवर में टेबलेट खा कर टीका लगवा रहें हैं. जिस कारण उनको ज्यादा परेशानी हो रही है. वहीं विशेषज्ञों का भी कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को वायरल बुखार या डेंगू मलेरिया हुआ है तो वह तत्काल कोरोना वैक्सीन ना लगवाए, बल्कि कम से कम 10 दिन का ब्रेक लें. इसके बाद ही वैक्सीन का डोज लगवाएं. इससे उन्हें वैक्सीन का सही फ ायदा मिलेगा. यही कारण है कि राजधानी में रविवार को केवल 13 केन्द्रों पर वैक्सीनेश किया गया. टीका लगवाने के बाद बिगड़ी तबियत कोटरा निवासी राजेश सिंह ने बताया कि उसको सर्दी जुकाम हुआ था, इसी बीच 5 सितंबर को वैक्सीन का दूसरा डोज लगवा लिया. डोज लगवाने के बाद से रात में ही तेज बुखार आना शुरू हो गया है. इसके बाद 7 सितंबर को तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. राजेश को सांस लेने में परेशानी होने लगी परिवार उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हेे भर्ती किया गया. इलाज के दौरान राजेश को डॉक्टरों ने निमोनिया बताया.
कम से कम 10 दिन का इंतजार जरूरी
एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. सरम सिंह ने बताया कि सर्दी, जुकाम या डेंगू में व्यक्ति की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है, ऐसा ही कोरोनावायरस की चपेट में आने पर होता है. जब कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को कुछ दिन रुक कर वैक्सीन लगवाने की गाइडलाइन है, तो यही नियम सर्दी जुकाम और डेंगू पॉजिटिव के लिए भी लागू होना चाहिए. डेंगू और वायरल के मरीज को कम से कम 10 दिन का इंतजार के बाद ही वै क्सीन का डोज लगवाना चाहिए. वैक्सीन व्यक्ति की इम्यूनिटी को प्रभावित करता है, इसलिए हो सकता है कि वायरल के बाद कमजोर इम्यूनिटी वालों को टीका लगवाने से शरीर को कुछ चैलेंज का सामना करना पड़े. हालांकि अभी तक स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों में यह सुझाव नहीं दिया गया है, कि सर्दी सिर दर्द जैसी छोटी बीमारियों वाले लोग वैक्सीन का डोज नहीं दे सकते. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट और संक्रमण रोग विशेषज्ञों का यह जरूर कहना है कि इन बीमारियों के दौरान वैक्सीनेशन को कुछ दिन तक टालना चाहिए. स्क्रीनिंग के बाद ही लग रहा टीकाइस समय प्रदेश भर में वायरल और डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए हमने सभी केंद्रों परसख्त हिदायत दी हुई है कि बगैर स्क्रीनिंग के किसी को टीका ना लगाएं, यदि बुखार या सर्दी जुकाम है तो, कम से कम 1 सप्ताह का ब्रेक जरू री है. डॉ. संतोष शुक्ला, राज्य टीकाकरण अधिकारी भोपाल.

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