दस किमी दूरी तक एक भी जगह पर नहीं दिखा कार्य

नवभारत की टीम ने झुरही-सजहर जंगल से लेकर देवसर तक का किया भ्रमण, सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग-39 निर्माणाधीन फोरलेन का हाल

सिंगरौली : निर्माणाधीन सीधी-सिंगरौली एनएच-39 फोरलेन का काम कई दिनों से बंद पड़ा हुआ है। झुरही के सजहर जंगल में घाट कटिंग के लिए लगाई गयी मशीनें शो-पीस बनकर खड़ी हैं। बताया जा रहा है कि संविदाकार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। एमपीआरडीसी के अधिकारी सत्ताधारी नेताओं को गलत जानकारी देकर सरकार की किरकिरी करा रहे हैं।गौरतलब हो कि सीधी-सिंगरौली एनएच-39 निर्माणाधीन फोरलेन का काम 2012-13 से चल रहा है। लेकिन अभी तक एनएच-39 का का काम पूर्ण नहीं हो पाया है। उक्त मार्ग का दूसरी दफा टेण्डर हुआ और उम्मीद थी कि 2023 के अंदर निर्माणाधीन सड़क का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। परंतु निर्माण कार्य की प्रगति देखकर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि एनएच-39 सीधी-सिंगरौली का कार्य पूर्ण होने में कई साल लग सकता है।

चर्चा है कि संविदाकार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। जिसके कारण करीब एक पखवाड़े से एनएच का घाट कटिंग सहित अन्य कार्य ठप कर दिये गये हैं। बुधवार को नवभारत की टीम ने निर्माणाधीन फोरलेन झुरही से सजहर जंगल से लेकर देवसर तक निर्माण कार्यों का जायजा ली। इस दौरान करीब 10 किमी की इस दूरी तय करते समय एक जगह भी काम नहीं दिखा। बल्कि सजहर जंगल में जेसीबी एवं हाईवा वाहन खड़े मिले। इस संबंध में जब वाहन चालकों से चर्चा की गयी तो बताया कि साहब संविदाकार का फरमान है। संभवत: आर्थिक तंगी के चलते काम बंद पड़ा हुआ है। हम लोग मशीनों का देखभाल कर रहे हैं। ताकि कोई नुकसान न पहुंचाये। चालकों ने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इधर जब टीम आगे बढ़ी तो जोगिनी गांव के ग्रामीणों से भी चर्चा की गयी।

उनके द्वारा भी यही बताया गया कि हम लोग धूल फांकने के लिए मजबूर हैं। वाहनों के चलने से इतना डस्ट उड़ता है कि बताने लायक नहीं है। हालांकि इस समय सजहर मार्ग होते हुए हैवी वाहनों का आवागमन बंद है, किन्तु फोर व्हीलर कार,जीप, बोलेरो व अन्य वाहन धूल उड़ाने में पीछे नहीं हैं। संविदाकार का पता भी नहीं है और पानी का छिड़काव कभी भी नहीं हुआ है। निर्माण कार्यों की हालत देखकर ऐसा लग रहा है कि सीधी-सिंगरौली मार्ग का कार्य एक बार फिर खटाई में पड़ सकता है। हालांकि सांसद उक्त सड़क मार्ग को लेकर बेहद गंभीर हैं और लगातार इस संबंध में एमपीआरडीसी के अधिकारियों के साथ-साथ कलेक्टर से भी चर्चा करते हुए बीच-बीच में समीक्षा कर रही हैं। ताकि वर्ष 2023 के पहले कार्य पूर्ण हो जाये और आम जनों के साथ-साथ मुसाफिरों को आवागमन के लिए असुविधा से मुक्ति मिल जाये।

लापरवाह अधिकारियों पर भी हो कार्रवाई
क्षेत्र के प्रबुद्धजनों का मानना है कि एनएच-39 सीधी-सिंगरौली निर्माणाधीन फोरलेन के कार्य में अकेले संविदाकार पर ही जबावदेही न थोपी जाये। एमपीआरडीसी के अधिकारियों पर भी जबावदेही तय हों। उक्त विभाग का अमला सही जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को नहीं देते। दफ्तर में बैठकर समीक्षा बैठक में जानकारी देने के लिए खाका तैयार कर लेते हैं और रटा-रटाया जबाव देते हुए वाहवाही लेते हैं। प्रबुद्धजनों का यह भी कहना है कि एमपीआरडीसी के लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो तभी कार्य की प्रगति दिखाई देगी।

गोपद पुलिया भी जर्जर हालत में
सीधी-सिंगरौली के मध्य स्थित सीमावर्ती गोपद पुलिया की हालत भी काफी चिंताजनक है। आलम यह है कि कई जगह पुल मार्ग पर गड्ढे बन गये हैं। हालांकि यह पुलिया दशकों पूर्व बनी थी और वन-वे है। पुलिया की जर्जर हालत देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि कभी गोपद पुल खतरे के निशान से पानी ऊपर आया तो पुलिया बचेगी की नहीं इस पर कुछ भी कह पाना मुश्किल है। नवीन पुल का निर्माण कार्य ठप है।

नव भारत न्यूज

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