कैंप से निकलते ही राहुल-प्रियंका का आत्मीय स्वागत

खंडवा: गुरुवार को राहुल गांधी की यात्रा अल सुबह खंडवा जिले में प्रवेश करते ही लोगों का हजूम उमड पड़ा, इस क्षेत्र की सुबह 4 बजे से ही दिनचर्या शुरू हो गई थी. राहुल गांधी के कैंप से निकलते ही पीछे सफेद कपड़ों में बहन प्रियंका गांधी भी निकली. प्रियंका गांधी के साथ उनके पुत्र और पति भी यात्रा में पहुंचे हैं, जो 5.30 बजे ही तैयार होकर निकल गए थे. हालांकि यात्रा के फोकस में वाड्रा और बच्चे कम नजर आ रहे हैं. प्रियंका गांधी को भी यात्रा में भारी समर्थन मिल रहा है.

नजदीक से देखना चाहते हैं राहुल व प्रियंका को
यह यात्रा दोपहर में छैगाव पहुंचा. यात्रा मेंमचारों तरफ सफेद कुर्ते पजामे पहने लोगों के अलावा ग्रामीण और बच्चे भी राहुल को नजदीक से देखने का आतुर नजर आ रहे थे. महिलाएं प्रियंका के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देना चाहती थी. खास बात यह है कि इनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे किसी भी राजनीतिक दल की नहीं थी.

राहुल यात्रा की वनवासी थीम
एक और बात यह रही कि खंडवा जिले में पहुंचते ही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा वाली थीम आदिवासी वर्ग पर केंद्रित हो गई. सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा में सजकर आदिवासियों के टोले राहुल गांधी के आगे वाले ब्लॉक में नाच रहे थे. ये लोग गाते हुए चले. यह नजारा काफी आकर्षक था. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और अन्य बड़े लोग भी चल रहे हैं. रास्ते में कुछ अन्य कांग्रेस के नेताओं को साथ चलने का मौका दिया जा रहा है. प्रियंका गांधी पास में चलने वाली महिलाओं से भी बात कर रही हैं. इस क्षेत्र का कल्चर समझ रही हैं.

क्षेत्र के बारे में की चर्चा
दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से राहुल गांधी ने भी इस क्षेत्र के बारे में काफी चर्चा की. जननायक टंट्या भील पर केंद्रित भाषण उन्होंने मंच से दिया.

इवेंट नहीं, मोमेंट है
खंडवा. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मैं चल रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस यात्रा को कमतर नहीं आंका जा सकता। यह यात्रा एक तरह का इवेंट नहीं, मोमेंट है. जयराम रमेश ने कहा कि इस यात्रा से कांग्रेस के साथ देश और देश का विकास जुड़ रहा है. राहुल गांधी हर तबके के व्यक्ति से मिल रहे हैं. लोगों को समझा रहे हैं. हर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की पीड़ा भी जान रहे हैं. यही वजह है कि लोग उनसे जुड़ रहे हैं। यात्रा में भारी भीड़ इसलिए हो रही है, क्योंकि कांग्रेस और कांग्रेस के नेता ही नहीं, आम लोग भी अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। इससे साबित होता है कि गांधी परिवार को लोग कितना चाहते हैं.

नव भारत न्यूज

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