दबाव के बीच शेयर बाजार नये शिखर पर, घरेलू-विदेशी आंकड़ों पर होगी निवेशकों की नजर

मंबई 12 सितंबर (वार्ता) घरेलू शेयर बाजार बीते सप्ताह दबाव के बीच छोटी और मझौली कंपनियों में हुयी लिवाली के बल पर नये शिखर पर पहुंचने पर सफल रहा और अगले सप्ताह की चाल अर्थव्यवस्था से जुड़े घरेलू और विदेशी आंकड़ों से तय होगी।
समीक्षाधीन अवधि में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स दबाव के बीच 175.12 अंकों की बढ़त के साथ 58305.07 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 32.70 अंकों की तेजी के साथ 17369.25 अंक पर रहा।
इस दौरान दिग्गज कंपनियों की तुलना में छोटी और मझौली कंपनियों में अधिक लिवाली देखी गयी, जिससे शेयर बाजार को बढ़त बनाने में भी मदद मिली और गिरावट को नियंत्रित किया जा सका। बीएसई का मिडकैप 323.10 अंक बढ़कर 24705.29 अंक पर और स्मॉलकैप 339.79 अंक चढ़कर 27645.10 अंक पर रहा।
विश्लेषकों का कहना है कि अभी बाजार जिस स्तर पर हैं उसमें करेक्शन की बहुत संभावना है। किसी भी समय विदेशी निवेशक बिकवाली कर मुनाफा काट सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुये छोटे निवेशकों विशेषकर खुदरा निवेशकों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। उनका कहना है कि अगले सप्ताह भी वैश्विक कारकों का दबाव घरेलू बाजार पर दिख सकता है। 14 सितंबर को घरेलू स्तर पर महंगाई के थोक आंकड़े आने वाले हैं। सप्ताहांत पर शुकवार को गणेश चतुर्थी पर अवकाश के दिन कारों की बिक्री का आंकड़ा आया था, जो नकारात्मक है। इसका भी बाजार पर असर दिख सकता है। हालांकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आंकड़े उत्साहवर्धक रहे हैं, जो बाजार को गति दे सकते हैं।। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर कई देशों की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई आंकड़े आने वाले हैं। चीन , अमेरिका और जापान में आर्थिक आंकड़े आने हैं, जिसका वैश्विक बाजार पर असर दिख सकता है और उसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। इसके मद्देनजर निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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