देश में मात्र 2.5% शिक्षण संस्थानों में पीएचडी सुविधा

गाडरवारा (नरसिंहपुर )उच्चतर शिक्षा की स्थिति का खुलासा करते हुए नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने यह चौंकाने वाली जानकारी उजागर की है, संपूर्ण देश में मात्र 2.5 % शिक्षण संस्थानों में ही पीएचडी करने की सुविधा उपलब्ध है परिणाम स्वरूप हजारों विद्यार्थी विदेशों का रुख कर लेते हैं। एन यू एम एम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री तथा मध्यप्रदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराते हुए तत्काल शिक्षा व्यवस्था मैं मूल रूप से सुधार करने की मांग की है। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री द्वारा उपरोक्त जानकारी के संदर्भ में दस्तावेज प्रस्तुत किए जिससे यह बड़ा खुलासा हुआ।

मात्र 999 संस्थानों में पीएचडी सुविधा
मनीष शर्मा प्रांतीय संयोजक उपभोक्ता मंच ने बताया कि अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण 2019 की रिपोर्ट के अनुसार देश में 993 विश्वविद्यालय संचालित है जिनमें लगभग 40000 महाविद्यालय संबंधित है परंतु उपरोक्त शिक्षण संस्थानों में से मात्र 999 शिक्षण संस्थानों में ही पी एच डी करने की सुविधा एवम पाठ्यक्रम उपलब्ध है।
मनीष शर्मा ने बताया कि देश में पीएचडी के संसाधनों की कमी होने के फलस्वरूप वर्ष 2015 से 2019 के मध्य लगभग 1.5 लाख विद्यार्थी पीएचडी करने अन्य देशों में चले गए।

उच्चतर शिक्षा की बदतर स्थिति
उपभोक्ता मंच के राकेश चक्रवर्ती, प्रफुल्ल सक्सेना, विनोद पांडे, आश्रिता पाठक पवन कौरव, शिव शंकर शर्मा, धनंजय मजूमदार, सज्जाद अली ,इमरान खान आदि सदस्यों ने बताया कि देश के अधिकांश शिक्षण संस्थानों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा ज्यादातर संस्थानों में संसाधनों, शिक्षकों ,विशेषज्ञों, शोधकार्य हेतु पर्याप्त सुविधाओं की भारी कमी है फलस्वरूप विद्यार्थी विदेशों का रुख कर रहे हैं सरकार को चाहिए यह पलायन रोकने हेतु उच्चतर शिक्षा की स्थिति सुद्रण करें।

नव भारत न्यूज

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