विश्‍व की ऐतिहासिक धरोहर बनेगा कुण्‍डलपुर का मंदिर

जल्‍द पूर्ण होगा बडे बाबा मंदिर निर्माण का कार्य धन्‍य है वह शिला जो मंदिर निर्माण में आ रही काम
सूरज जैन
हटा(दमोह ):  मूर्ति प्रतिमा के दर्शन का सौभाग्‍य व उसका पुण्‍य तो सभी को मिलता ही है लेकिन सदी के वे लोग भी धन्‍य है, जो कुण्‍डलपुर में बडे बाबा के मंदिर का निर्माण कार्य देख रहे है। मंदिर में लगने वाला हर पत्‍थर भी अपने आपको पुण्‍यशाली आंक रहा है, जो बडे बाबा के मंदिर निर्माण में काम आ रहा है। मंदिर में लगने वाला हर पत्‍थर पर की जाने वाली नक्‍काशी से यह लगता है कि बेजुबान पत्‍थर भी मुस्‍कान बिखेरे हुए है। यू तो हर मौसम में इस तीर्थ क्षेत्र में अनुकूल वातावरण रहता है लेकिन बरसात में तो यहां ऐसा लगता है कि प्रकृति भी अपना वर्षायोग यही कर रही है। कुण्‍डलाकार पहाडी के चारों ओर जहां देखो हरियाली ही हरियाली नजर आती है, रास्‍ते, पार्क व मंदिरों के पास लगे पेड पौधों को एक सुव्‍यवस्थित आकार देने के लिए सुयोग्‍य टीम कार्य कर रही है। पेड पौधों पर पडी पानी की बूंद सूर्य किरण के संपर्क में आते ही मोती सी चमक उठती है। वर्धमान सागर तालाब के चारों ओर का नजारा पर नजर पडते ही लोग उसे कैमरे में कैद करने से नहीं चूकते, ठंड के मौसम में सूर्योदय के समय सारी लालिमा जब पहाडी के चारों और फैलती है तो लगता है कि इस सिद्ध व अतिशयकारी पहाडी के पीछे प्रकृति ने भमण्‍डल लगा दिया हो।

इतिहास
दमोह जिला ,पटेरा तहसील में नवभारत जबलपुर की टीम ने स्थित कुण्डलपुर जी अंतिम श्रुत केवली श्रीधर केवली की मोक्ष स्थली है, इसी पहाडी पर भगवान आदिनाथ बडे बावा की 15 फुट उंची पद्मासन प्रतिमा विराजमान है, यह प्रतिमा 5 वीं- 6 वीं सदी की है, प्रतिवर्ष माघसुदी ग्‍यारस से पूर्णिमा तक वार्षिक मेला का आयो‍जन किया जाता है। मेला समापन पर श्री जी की भव्‍य शोभायात्रा भी निकाली जाती है।

जल्‍द पूर्ण होगा कार्य
संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के यहां पर 5 चातुर्मास एवं अनेक ग्रीष्‍मकालीन व शीतकालीन वाचनाएं हुई। आचार्य श्री की प्रेरणा से यहां बडे बाबा का भव्‍य मंदिर निर्माण पूर्णता की ओर है। आचार्य श्री के मार्गदर्शन में बडे बाबा की प्रतिमा को उच्‍च सिंहासन पर विराजित किया गया। मंदिर को भव्‍यता प्रदान करने ऐसा रूप दिया जा रहा है कि यह मंदिर व स्‍थल विश्‍व की ऐतिहासिक धरोहर बन जायेगा। मंदिर में लगने वाले हर पत्‍थर में विभिन्‍न प्रकार की आकृतियां उभारी जा रही है, हर स्‍तम्‍भ, छत, झरोखा, द्वार, दीवाल की अपनी अलग पहचान बने इसके लिए बहुत ही कुशल कारीगरों के द्वारा बारीक नक्‍काशी की जा रही है

जल्‍द होगा भव्‍य आयोजन
वर्तमान में कुण्‍डलपुर जी में आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के जेष्‍ठ व श्रेष्‍ठ निर्यापक मुनि श्री योग सागर जी महाराज का ससंघ पावन वर्षायोग चल रहा है, अगामी दिनों में होने वाले भव्‍य पंचकल्‍याणक महा महोत्‍सव प्रस्‍तावित है, उसी के लिए मंदिर निर्माण का कार्य द्रुत गति से चल रहा है, यह पूरा आयोजन आचार्य श्री के वृहद् ससंघ सानिध्‍य में ही होगा, भक्‍तों की भीड रहेगी, कई संत संघ भी वहां पहुंचेगें, आने वाले भक्‍त-श्रध्‍दालुओं को सहजता से दर्शन एवं उनकी सहभागिता हो, इसके लिए एक निर्धारित रूपरेखा के तहत कार्य किया जा रहा है, सभी तैयारियां जोर शोर से चल रही है।

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