मध्यप्रदेश : भोपाल के बाद अब इंदौर-उज्जैन में भारी बारिश की आशंका

बादल आने वाले 24 घंटों में इंदौर-उज्जैन के आसपास के क्षेत्र में अपना रौद्र रूप दिखाने वाले

भोपाल, 23 अगस्त (वार्ता) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के आसपास के क्षेत्रों में कहर बरपाने के बाद अब बादल आने वाले 24 घंटों में इंदौर-उज्जैन के आसपास के क्षेत्र में अपना रौद्र रूप दिखाने वाले हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार विगत 24 घंटों में मध्य एवं पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश हो रही है। आगामी घंटों में रतलाम, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ एवं अलिराजपुर में भारी वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में पार्वती नदी गुना में अपने अधिकतम जलस्तर पर बह रही है। नर्मदा नदी अपने अधिकतम जलस्तर से लगभग 2.88 मीटर नीचे बह रही है। पन्ना में केन नदी अपने अधिकतम जल स्तर के करीब है।
सतना में तमस नदी अपने अधिकतम जलस्तर से 2.5 मीटर नीचे बह रही है। नर्मदा नदी का जलस्तर 271.56 मीटर है।

आज सुबह प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश में राजघाट, गांधी सागर, बरगी, तवा, हंडिया, मोहनपुरा, बारना, कोलार, ओमकारेश्वर, कलियासोत, भदभदा आदि बांधों में जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। बरगी बांध के 13 गेट खुले हैं।
टीकमगढ़ में बानसुजारा बांध के 11 गेट खोल दिए गए हैं। बारना बांध के 4 गेट खुले है।
इंदिरा सागर बांध के 12, गांधी सागर बांध के 8 कुंडालिया बांध के 10, कलियासोत के 12, केरवा के 8 मणिखेड़ा 8, मोहनपुरा 14, राजघाट 16, ओमकारेश्वर 18, संजय सागर 2 एवं कुशलपुरा के सात गेट खुले हैं।

वहीं जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 24 घंटों में प्रदेश में बाढ़ और जलभराव में फंसे 405 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया है।
लगभग 2300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाया गया है। जिला विदिशा में लगभग 18 राहत शिविरों में 1200 प्रभावित व्यक्तियों को ठहराया गया है। प्रभावित व्यक्तियों हेतु भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।
वर्तमान में आठ से 10 रेस्क्यू ऑपरेशन चलाये जा रहे है। जिला विदिशा एवं गुना के 25 ग्रामों में बाढ़ प्रभावित हैं।

विदिशा एवं गुना के 10 ग्रामों में दो हेलिकोप्टर एयर लिफ्टिंग हेतु लोगों के बचाव कार्य के लिए भेजे जा रहे है। राजगढ जिले में आठ राहत शिविरों में लगभग 500 व्यक्तियों को ठहराया गया है।कालीसिंध, पार्वती एवं चंबल नदी के जल स्तरों पर भी निरंतर नजर रखी जा रही है।

आज सुबह प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण बल की नर्मदापुरम में दो, विदिशा में दो, जबलपुर में एक, सीहोर में एक, भोपाल में एक एवं गुना में एक टीम तैनात है।
वहीं राज्य आपदा नियंत्रण बल की विदिशा में 04, राजगढ़ में 02, गुना में 03 टीमें कार्यरत हैं।

जिला विदिशा में फंसे लोगों के राहत बचाव कार्य हेतु होम गार्ड की टीम भी कार्यरत है। नावों के माध्यम से जलभराव में फंसे लोगो को रेस्क्यू किया जा रहा है।
वर्तमान में पांच स्थानों पर हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्टिंग की आवश्यकता बतायी गई है। नागपुर एवं मुम्बई से 02 हेलीकॉप्टर एयर लिफ्टिंग हेतु भेजे जा रहे है। वर्तमान में वर्षा कम हो रही है।

जिला राजगढ़ में बोट के माध्यम से लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। जलभराव में फंसे लोगों को एयर लिफ्टिंग हेतु आवश्यकता बताई गई थी। जिले में वर्षा जारी है। बाढ में फंसे लोगों को बोट के माध्यम निकाला जा रहा है।
जिले में 08 राहत शिविरों में लगभग 500 व्यक्तियों को ठहराया गया है।

जिला आगर-मालवा में लगातार वर्षा हो रही है। कुछ सड़कें एवं मार्ग जलभराव के कारण अवरुद्ध हो गये है। कालीसिंध एवं कैथल नदी में जल स्तर बढा हुआ है।
तहसील सोयत में जलभराव के कारण लोगो को दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।रेस्क्यू कार्य लगातार जारी है।

जिला रतलाम भारी बारिश के कारण जावरा में नया मालीपुर जमातखाना में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है।

जिला शाजापुर के थाना सुनेरा के बमोरी ग्राम में डेम से पानी रिसाव की सूचना उपरांत प्रभावित होने वाले गाँवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुचाया गया है। डेम को भी रिपेयर किया गया है। जिससे पानी का रिसाव कफी कम हो गया है। शुजालपुर में भी लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है।

मंदसौर जिले में लगातार बारिश हो रही है। निचले क्षेत्र में रह रहे लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है।
स्थिति नियंत्रण में है।

नीमच जिले में लगातार बारिश हो रही है।कुछ पुलों एवं रपटों पर से जल का बहाव हो रहा है। जिले में टीमें अलर्ट पर हैं।

गुना जिले में पार्वती नदी का जल स्तर कम नहीं हो रहा है।चाचौडा तहसील के 02 गाँवो, कुम्भराज तहसील के 01 गाँव एवं राघौगढ़ तहसील के एक गाँव में लोगो के फंसे होने के कारण टीमों द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है।
आवश्यकता होने पर एयर लिफ्टिंग हेतु हेलिकोप्टर भेजा जाना सुनिश्चित किया जायेगा ।

देवास जिले में नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर 891 फिट हो गया है।नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। 14 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

सीहोर के बुधनी एवं नसरुल्लागंज में नर्मदा का जलस्तर कम हो रहा है।सुबह 5 बजे कोलार डेम के गेट बंद कर दिये गये है।
कोलार नदी का जलस्तर भी कम होना शुरू हो गया है।

जिला इंदौर, डिंडौरी, सिंगरौली, हरदा एवं उज्जैन में स्थिति नियंत्रण में है। सिवनी, नर्मदापुरम, बालाघाट, सागर, छिंदवाडा, श्योपुर, सीधी, सतना, अनूपपुर एवं धार में स्थिति सामान्य है।

नव भारत न्यूज

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