शहर का इकलौता स्टेडियम दुर्दशा का हुआ शिकार

चूनकुमारी स्टेडियम गड्ढों का भरमार, ननि के जिम्मेदार अधिकारी मौन,खेल प्रेमियों में बढ़ रहा असंतोष, सुरते हाल चून कुमारी स्टेडियम का

सिंगरौली : जिला मुख्यालय बैढऩ का इकलौता राजमाता चून कुमारी स्टेडियम इन दिनों दुर्दशा का शिकार हो गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह के बाद स्टेडियम देखने लायक भी नहीं रह गया। इसे जो भी देखता है हर कोई ननि के अधिकारियों को कोसने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। वहीं खेल प्रेमियों में ननि अमले के प्रति असंतोष भी बढ़ रहा है।
दरअसल शहर का इकलौता राजमाता चून कुमारी स्टेडियम में छोटे-बड़े आयोजन कराये जा रहे हैं। जबकि खेल पे्रमी लगातार मांग करते आ रहे हैं कि राजमाता चून कुमारी स्टेडियम का उपयोग केवल खेल के लिए किया जाये। इसके लिए पूर्व में खेल प्रेमियों द्वारा मुहिम भी चलायी गयी थी। किन्तु खेल प्रेमियों को निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला स्तर का मुख्य समारोह उक्त स्टेडियम में आयोजित किया गया था। जहां स्टेडियम दुर्दशा का शिकार हुआ है। स्टेडियम को देखने के बाद हर खिलाडिय़ों का पारा सातवें आसमान पर चढ़ जा रहा है। शहर का इकलौता स्टेडियम होने के नाते यहां सुबह व शाम के समय खेल प्रेमी फुटबाल, दौड़, क्रिकेट का अभ्यास करने आते हैं। गर्मी, ठण्डी या बरसात हर सीजन में स्टेडियम में सैकड़ों की संख्या में खेलप्रेमी सुबह-शाम दिख जाते हैं। स्टेडियम का खस्ताहाल देख ननि अमले को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। खेलप्रेमी स्टेडियम के हालात को देख अब अधिकारियों को कोसने के अलावा कुछ नहीं छोड़ रहे हैं और कह रहे हैं कि यहां खेलने जोखिम भरा साबित हो सकता है। फिलहाल उक्त स्टेडियम का दुर्दशा कराने के जिम्मेदार कौन है? क्या ऐसे जिम्मेदार ननि अधिकारियों पर कार्रवाई होगी इस बात को लेकर खेल प्रेमियों में खूब चर्चाएं चल रही हैं।

साहब…कम से कम खेलने तो दीजिए
चून कुमारी स्टेडियम में पहुंचे युवा खेल प्रेमियों ने स्टेडियम का सुरते हाल देख अपनी पीड़ा सुनाई। वॉलीबाल, फुटबाल के खिलाड़ी सूर्यबली सिंह, सुमित ठाकुर, ललित चौरसिया, सुमित, अंकित, विनीत राय, मृदुल सिंह, अखिल शुक्ला सहित अन्य खिलाडिय़ों ने कहा कि मैदान पूरी तरह से दलदल हो चुका है। वाहनों के टायर इस तरह धस गये हैं कि मैदान का खेत जैसे हाल हो गया है। यह सब नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है। मैदान में आउटडोर गेम खेलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। इकलौते स्टेडियम के साथ इतनी छेडख़ानी क्यों की जा रही है? क्या खिलाडिय़ों का अभ्यास व खेल को ननि के अधिकारी नहीं पचा पा रहे हैं या खेल को पसंद नहीं करते। शायद इसीलिए स्टेडियम का यह हालत कर दिये हैं।

खेल मैदान में गड्ढे ही गड्ढे
चून कुमारी स्टेडियम का मैदान पूरी तरह से रदबदल हो गया है। फुटबाल व क्रिकेट खिलाड़ी मैच खेलने की बात दूर अभ्यास तक नहीं कर पा रहे हैं और यह हाल अभी हाल ही में हुआ है। आलम यह है कि मैदान में इस तरह से गड्ढे हो गये हैं कि गिरने व फिसलने की पूरी संभावना बनी रहती है। जिसको लेकर खिलाडिय़ों में भारी निराशा है। जबकि स्टेडियम के रख-रखाव के नाम पर प्रत्येक वर्ष लाखों रूपये खर्च किया जा रहा है। फिर भी स्टेडियम की सूरत इस तरह बनी हुई है।

इनका कहना है
राजमाता चून कुमारी स्टेडियम वैसे तो मुख्य रूप से खेल मैदान ही है लेकिन राष्ट्रीय पर्व होने के कारण 15 अगस्त, 26 जनवरी को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन यहां पर किया जाता है निश्चित ही बारिश होने के कारण व स्टेडियम में बड़े वाहनों में झांकियां प्रवेश होने से गड्ढे हुए हैं। गड्ढों को भराये जाने के लिए जल्द ही आदेश जारी किया जायेगा और ऐसे बड़े आयोजनों के लिए जगह न होने की वजह से स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित होता है।
व्हीपी उपाध्याय
कार्यपालन यंत्री,ननि सिंगरौली

नव भारत न्यूज

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