एक हफ्ते के भीतर सभी तहसील कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू

मुरैना:एक हफ्ते के भीतर शेष सभी तहसील कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू कराएँ। जिन तहसीलों में ई-ऑफिस प्रणाली से कामकाज शुरू नहीं हुआ वहाँ के तहसीलदारों से स्पष्टीकरण लिया जायेगा। यह बात संभागीय कमिश्नर आशीष सक्सेना ने गूगल मीट के जरिए ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिला कलेक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से कही।गूगल मीट में संभागीय कमिश्नर सक्सेना ने बीते दिनों से जारी बारिश और बाँधों व जलाशयो में बढ़ते हुए जल स्तर को ध्यान में रखकर संभावित बाढ़ से निपटने के लिये सभी एहतियाती उपाय करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टर बाढ़ को लेकर पूरी तरह सतर्क रहकर और बचाव व राहत दल मुस्तैद रखें। संबंधित अधिकारी जल संसाधन विभाग से समन्वय बनाकर बांधों से छोड़े जाने वाले जल स्तर की जानकारी रखें।

साथ ही संभावित बाढ़ प्रभावित गाँवों को समय से सूचित करें और पानी का स्तर बढ़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का तत्परता से इंतजाम किया जाए। श्री सक्सेना ने कहा कोटा बैराज से जल्द ही पानी छोड़ा जायेगा। इसको लेकर श्योपुर व मुरैना जिले में विशेष सतर्कता बरती जाए। इसी तरह संभाग के अन्य बाँधों से जुड़े गाँवों में भी संबंधित जिला कलेक्टर पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने दोनों संभागों के कलेक्टर्स से चर्चा कर बाढ़ से निपटने के लिए अब तक किए गए उपायों की जानकारी ली। गूगल मीट में जल जीवन मिशन, अंकुर अभियान, राजस्व प्रकरणों का निराकरण, सीएम राईज स्कूल इत्यादि की समीक्षा भी की गई।

महाविद्यालयों को समझौता से समाधान कार्यक्रम से जोड़ें संभागीय कमिश्नर सक्सेना ने सभी जिला कलेक्टर्स से गूगल मीट में यह भी कहा कि समझौता से समाधान कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिये अपने-अपने जिलों के महाविद्यालयों को जोड़ें। महाविद्यालयों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देकर गाँव विशेष की जिम्मेदारी सौंपें और उनके सहयोग से गाँवों को विवाद रहित बनाया जाए। साथ ही सरकार की योजनाओं को आदर्श रूप में मूर्तरूप दिलाने में उनका सहयोग लें।

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