कांग्रेस से बचाने भाजपा ने पार्षदों को हरियाणा के फ़ाईव स्टार हँस रिजॉर्ट में भेजा

अब मतदान के दिन ही लौटेंगे, सभापति बनाने कांग्रेस में आखिरी जोड़तोड़ शुरू

ग्वालियर: कांग्रेस द्वारा फेंके जा रहे मोहपाश से बचाने भाजपा हर संभव जतन कर रही है। इसी सिलसिले में भाजपा के रणनीतिकारों ने आज एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्वालियर निगम के अपने सभी 34 नवनिर्वाचित पार्षदों को हरियाणा के रिवाड़ी के फाइव स्टार हँस रिज़ॉर्ट होटल में भेज दिया। अब मतदान के दिन ही ये पार्षद ग्वालियर लौटेंगे, उधर सभापति बनाने कांग्रेस में आखिरी जोड़तोड़ शुरू हो गई है।
कल सुबह ये भाजपा पार्षद बस के जरिए रवाना हुए।

पार्टी नेताओं ने इन पार्षदों को हरियाणा भेजे जाने का प्रयोजन केन्द्रीय मंत्रीज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेन्द्र सिंह तोमर एवं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक को बताया है। ग्वालियर से सुबह बस के रवाना होने के बाद रास्ते में मुरैना से दो पार्षदों के लघुशंका के लिए उतरकर गायब होने की चर्चा भी गर्म रही लेकिन यह खबर गलत साबित हुई। ग्वालियर से भाजपा के सभी ३४ पार्षद ही एक साथ हरियाणा पहुंचे हैं। अब यह भाजपा पार्षद निगम परिषद के पहले सम्मेलन 5 अगस्त को सभापति चुनाव के लिए मतदान के समय ही वापस आएंगे।

बताया जाता है कि कांग्रेस के भी अधिकांश पार्षद भूमिगत हो गए हैं। निर्दलीय पार्षद भी दोनों दलों की पहुँच से दूर हैं। गौरतलब है कि भाजपा व कांग्रेस दोनों अपने सभापति व परिषद बनाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में 5 अगस्त से पहले यह आखिरी तीन दिन जोड़तोड़ और पालाबदल के लिए फ़ैसलाकुन साबित हो सकते हैं।नई नगर सरकार के गठन के लिहाज से आने वाले दस दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 5 अगस्त को नगर निगम के पहले अधिवेशन में निगम सभापति का चुनाव होगा और इसके बाद 12 अगस्त तक महापौर को अपनी मेयर इन काउंसिल का गठन करना होगा।

यह काउंसिल एक तरह से महापौर का मंत्रीमंडल होता है जिसमें महापौर अपनी सुविधा से स्वास्थ्य, शिक्षा, जनकार्य, पीएचई आदि विभागों का जिम्मा सौंपती है। एम आई सी में महापौर अपने विश्वसनीय पार्षदों को ही शामिल करती हैं। एमआईसी में कम से कम पांच और अधिकतम दस सदस्य हो सकते है। इस बार एमआईसी में अधिकांश चेहरे नए रहेंगे। कांग्रेस के 25 पार्षद चुनाव जीते हैं, चार निर्दलीय उनके साथ आ गए हैं। इनमें से सिर्फ 2 पुराने चेहरे हैं, शेष सभी पहली बार के पार्षद हैं। ऐसे में एमआईसी में 60 फीसदी चेहरे नए ही रहेंगे। सबसे पहले अपना सभापति बनाना दोनों दलों के लिए चुनौती और तनाव भरा रहेगा।

कांग्रेस के पार्षद भी हुए भूमिगत
भाजपा की जोड़तोड़ से सुरक्षित करने कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों को शपथ के बाद भूमिगत कर दिया है। निर्दलीय जीतने वाले पार्षद भी तीर्थ यात्रा पर निकल गए हैं। यह सच है कि 5 अगस्त से पहले कल बुधवार का दिन भाजपा व कांग्रेस के लिए काफी जोड़तोड़ भरे होंगे।

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