गोरियरा के समीप मिला ग्रेफाइट का भंडार, सर्वे में जुटी जांच टीम

खनिज संसाधनों के लिये सीधी में है पर्याप्त संभावनाएं, ग्रेफाइट का मिला जिले के लिये बड़ी उपलब्धि

सीधी : जिला मुख्यालय से 7 किमी. दूर कुसमी मार्ग में स्थित गोरियरा में ग्रेफाइट का भंडार मिला है। इसकी पुष्टि भारत सरकार द्वारा भेजी गई वैज्ञानिकों एवं तकनीशियनों की टीम द्वारा की गई है। गोरियरा की पहाडिय़ों में ग्रेफाइट का अकूत भंडार मिला है। यह अवश्य है कि ग्रेफाइट के पत्थरों का फैलाव गोरियरा अंचल में कितने हेक्टेयर क्षेत्रफल में है इसकी जांच मशीनों के माध्यम से खुदाई करके की जा रही है।
तत्संबंध में मशीनों पर काम कर रहे तकनीशियनों का कहना है कि भारत सरकार के निर्देश पर उनके द्वारा जिला प्रशासन सीधी से अनुमति लेकर ग्रेफाइट भंडार का पता लगाया जा रहा है। यह कार्य करीब 6 महीने से चल रहा है। आरंभ में गोरियरा की पहाडिय़ों पर खुदाई का कार्य किया जा रहा था। वहां मिले पत्थरों की जांच के बाद पुष्टि हुई थी।

उक्त क्षेत्र में ग्रेफाइट पत्थरों का बड़ा भंडार मौजूद है। यह अवश्य है कि पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रेफाइट पत्थर ज्यादा नीचे नहीं है। किन्तु पहाड़ी समाप्त होने के बाद ग्रेफाइट पत्थर करीब 30 से 40 मीटर अंदर मौजूद हैं। चर्चा के दौरान तकनीशियनों का कहना था कि अभी तक के जांच एवं खुदाई में ऐसा आभास हो रहा है कि उक्त समूचे क्षेत्र में ग्रेफाइट पत्थरों की बड़ी चट्टान एवं पर्ते मौजूद हैं। टीम द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रेफाइट पत्थरों की पुष्टि की जा चुकी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ग्रेफाइट पत्थरों का भंडार कितने हेक्टेयर क्षेत्रफल में मौजूद हैं। पूरा सर्वे होने के बाद इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को दी जाएगी।

जिसके बाद ग्रेफाइट पत्थरों के उत्खनन के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट गोरियरा क्षेत्र में स्थापित होगा। यहां बड़ी-बड़ी मशीनों के माध्यम से ग्रेफाइट के पत्थरों को निकाला जाएगा। ग्रेफाइट के पत्थरों को उनकी जरूरत के अनुसार बाहर भेजा जाएगा। ग्रेफाइट के पत्थर काफी महंगे होते हैं। ग्रेफाइट का उपयोग आम तौर पर पेंसिल, बैट्री बनाने में होता है। कई मशीनों के कल पुर्जे भी बनाने में ग्रेफाइट का उपयोग किया जाता है। ग्रेफाइट का भंडार गोरियरा में मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में काफी खुशी की लहर है। चर्चा के दौरान यहां के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यदि यहां ग्रेफाइट का प्रोजेक्ट लगता है तो निश्चित ही लोगों को रोजगार मिलेगा।

खुदाई की शिकायत पर जिला प्रशासन ने लगाई रोक
गोरियरा में काफी अर्से से कोयला का भंडार होने की चर्चाएं थी। इस वजह से कुछ ग्रामीणों द्वारा खुदाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया था। इसकी जानकारी जब जिला प्रशासन को लगी तो गोरियरा क्षेत्र में खुदाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। अब पहाड़ी क्षेत्रों में कोई भी ग्रामीण खुदाई का कार्य नहीं कर सकता। यदि इस संबंध में सूचना मिलती है तो संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही होगी। वहीं जानकारों का कहना है कि गोरियरा क्षेत्र में ग्रेनाइट के अलावा कोयला का भंडार भी है। इसकी पुष्टि पूर्व में हुई जांच में हो चुकी है। यह अवश्य है कि कोयला का भंडार कितने क्षेत्रफल में है इसको लेकर विस्तार से जांच नहंी हुई है।

ग्रेनाइट पत्थर भी गोरियरा अंचल के काफी क्षेत्रफल में है। ग्रामीणों को पूर्व में ही खुदाई के दौरान कई स्थानों पर ग्रेनाइट के पत्थर मिलते रहे हैं किन्तु लोग यह नहीं समझ पा रहे थे कि यह ग्रेनाइट है या फिर कोयला। भारत सरकार द्वारा अब गोरियरा क्षेत्र में ग्रेनाइट भंडार के लिए काफी विस्तार के साथ जांच कराया जा रहा है। इसके बाद ही यह सुनिश्चित हो सकेगा कि यहां के कितने क्षेत्रफल में ग्रेनाइट का भंडार है। शासन के माध्यम से ग्रेनाइट प्रोजेक्ट स्थापित करने के पूर्व कई तरह का विचार मंथन किया जाता है। जिसमें खर्च के साथ ही होने वाली आय पर मुख्य रूप से फोकस होता है। ग्रेेनाइट प्रोजेक्ट के लिए किसी निजी कंपनी को भी कार्य सौपा जा सकता है। ग्रेनाइट प्रोजेक्ट को लेकर अभी काफी समय लगेगा। इस वजह से इस संबंध में अभी सर्वे जारी है।

इनका कहना है
ग्रेफाइट की खोज के लिए सर्वे टीम द्वारा कार्य किया जा रहा है। यह कार्य वन विभाग क्षेत्र में चल रहा है। जानकारी मुताबिक गोरियरा डेम के आसपास का क्षेत्र इसके लिये उपयुक्त पाया गया है।
राहुल शांडिल्य, खनिज निरीक्षक सीधी

नव भारत न्यूज

Next Post

भारत जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध योगदान बढ़ाने की प्रतिबद्धता निर्धारित की

Wed Aug 3 , 2022
नयी दिल्ली, 03 अगस्त (वार्ता) मंत्रिमंडल ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संधि-व्यवस्था (यूएनएफसीसीसी) को सूचित किए जाने वाली भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अद्यतन योगदान (एनडीसी) मसौदे को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बुधवार को हुई बैठक के बाद जारी बयान में […]