ग्रीष्म कालीन पक्षी सर्वे रिपोर्ट में 195 प्रजातियां के पक्षी मिले, जिसमें 12 संकट ग्रस्त प्रजातियां शामिल हैं

पन्ना :मध्य प्रदेश के तीसरे बायोस्फीयर रिजर्व,पन्ना टाइगर रिज़र्व मे ग्रीष्मकालीन पक्षी सर्वेक्षण 9 जून से 12 जून तक आयोजित किया गया। अभी कई प्रकार के पक्षियों का प्रजनन काल चल रहा है और इसके साथ ही कई प्रकार के पक्षी मानसून के पहले यहाँ प्रवास पर आये हुए है। पन्ना टाइगर रिजर्व इन सभी की आवाज़ से सरोबार है। ठण्ड और प्री-मानसून यह दोनों मौसम पक्षियों के बारे में जानने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए मार्च में हुए पहले पक्षी सर्वेक्षण के समय ही पार्क प्रबंधन ने ग्रीष्मकालीन सर्वेक्षण का निर्णय ले लिया था। जिससे की ठण्ड के साथ साथ प्री-मानसून प्रवासी पक्षियों को भी डॉक्यूमेंट किया जा सके। इस ग्रीष्मकालीन सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश से 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।

जिनमे से राज्यों के 40 प्रतिभागियों का चयन कर 16 टीमें बनायीं गयी थी) प्रत्येक टीम के साथ एक स्थानीय गाइड भी साथ थे। इस बार सर्वेक्षण में कुल 195 प्रजातियों के पक्षी मिले, जिनमे से 12 प्रजतियाँ आईयुसीएन की संकटग्रस्त प्रजातियों की सूचि में शामिल है। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों द्वारा सूचित-4 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों के पुष्टि के लिए सपोर्टिग डॉक्यूमेंट दिया जायेगा उसके बाद उन प्रजातियों को भी फाइनल रिपोर्ट में जोड़ दिया जायेगा। इस बार के सर्वेक्षण में पक्षियों की ऐसी 22 ऐसी प्रजतियाँ मिली है जो मार्च में हुए सर्वेक्षण में समय नहीं मिली थी। इनमे से ग्रीष्म काल में प्रवास पर आने वाली कई प्रजातियां पूरे पन्ना टाइगर रिज़र्व में अच्छी संख्या में देखी गयी।
6 प्रकार के कुक्कू – कॉमन-हाँक, पाइड, कॉमन, इंडियन, ग्रे-बेलिड और बॅडेड-बेकुक्कू मिले।

इंडियन पिट्टा जिसे नवरंगा के नाम से भी जाना जाता है, अपने सुन्दर रंगो और आवाज़ से सभी जगह अपनी मजूदगी का अहसास कराता। इनके अलावा कुछ दुर्लभ पक्षी भी मिले जैसे-सिलेटी-लेगड़ केक, ब्लैक-ब्रेस्टेड वीवर, स्ट्राइटेड ग्रासबर्ड, ओरिएण्टल पाइड-हॉर्नबिल, स्मॉल बटनक्कैल, ट्राईकलाई मुनिया इत्यादि। सिलेटी-लेगड़ क्रेक जो मध्य प्रदेश के लिए काफी दुर्लभ पक्षी है और यह ईबर्ड पर मध्य प्रदेश से पहला रिकॉर्ड है। ब्लैक-ब्रेस्टेड वीवर जो मध्य प्रदेश में बहुत कम जगह दिखाई देती है, पन्ना टाइगर रिजर्व में बया बीवर के कॉलोनी के साथ अपना भी आशियाना बुनते हुए देखा गया ।

पन्ना टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाली केन नदी जो यहाँ के वन्यजीबो के लिए बहुत महत्व रखती है, इसमें कई प्रकार के पक्षियों का वास भी है। स्ट्राइटेड ग्रासबर्ड, ब्राउन कैक, येलो बिटर्न और सिनमन बिटर्न यहा अच्छी संख्या में मिले। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन यहाँ पक्षियों के परिस्थिक तंत्र के बेहतर प्रबंध करने के लिए प्रयासरत है इसी दिशा में आने वाले समय में भी इसी प्रकार सर्वेक्षण कर पक्षियों की अधिक से अधिक सही जानकारी जुटायी जाएगी।

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