मेयर टिकट को लेकर भाजपा में रस्सा-कस्सी

भाजपा के दर्जनभर दावेदार कार्यकर्ताओं ने भोपाल में डाला डेरा, अपने-अपने नेताओं के यहां लगा रहे चक्कर,युवा नेताओं को टिकट मिलने का है भरोसा

सिंगरौली :नगरीय निकाय चुनाव के लिए आज शनिवार से नाम निर्देशन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। कांग्रेस पार्टी ने मेयर पद प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है, किन्तु अभी भाजपा में मेयर पद के प्रत्याशी को लेकर माथापच्ची जारी है। सिंगरौली ननि से भाजपा प्रत्याशी कौन होगा इसके लिए दर्जनभर कार्यर्ताओं ने अपनी-अपनी दावेदारी जताते हुए राजधानी भोपाल में डेरा डाल दिया है।दरअसल नगरीय निकाय सिंगरौली के लिए कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले मेयर प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर पहली बाजी मार लिया है। कांग्रेस पार्टी मेयर प्रत्याशी अरविन्द सिंह का लोगों से मेल मिलाप कर रहे हैं। साथ ही नाराज प्रत्याशियों को मान-मुनौबल में लगे हुए हैं। इधर भाजपा, बसपा, आम आदमी पार्टी, कम्युनिष्ट, सपाक्स, सपा अपने-अपने प्रत्याशियों का चयन नहीं कर पायी है।

भाजपा में दर्जन भर दावेदारों के नाम सामने से पार्टी में मंथन जारी है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा वरिष्ठ नेता गिरीश द्विवेदी, रामनिवास शाह, शिवेन्द्र बहादुर सिंह, चन्द्र प्रताप विश्वकर्मा, विनोद चौबे, विनोद दुबे, वशिष्ठ पाण्डेय, इन्द्रेश पाण्डेय, पीएन बैस, अरविन्द दुबे, रामसुमिरन गुप्ता, दिलीप शाह, आशा यादव सहित अन्य कई भाजपा के पदाधिकारियों ने मेयर पद प्रत्याशी के लिए अपना-अपना बायोडाटा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दिया है। इधर चर्चा है कि भाजपा इस बार युवा नेताओं को तरजीह देने के मूड में है। संभावना व्यक्त की जा रही है की किसी ब्राम्हण या ओबीसी से मेयर का प्रत्याशी बना सकती है। साथ ही भाजपा के तहखाना से यह भी खबरें सामने आ रही हैं कि भाजपा के एक दिग्गज नेता पूरे तरह से नजर रखे हुए हैं। जैसे ही टिकट में विवाद की स्थिति निर्मित होगी। अंतत: अपने समर्थकों से अपना स्वयं का नाम आगे बढ़ा सकते हैं। इस तरह का खेला संगठन में एक बड़े पद के लिए हो चुका है। फिलहाल भाजपा मेयर पद के प्रत्याशी के चयन को पार्टी में रस्सा-कस्सी जारी है। संभावना व्यक्त की जा रही है की एक-दो दिन के अंदर पार्टी शीर्ष नेतृत्व टिकट का ऐलान कर सकती है।

सिंगरौली में फिर से राहुल का दिखा दबदबा
वर्ष 2009 के नगरीय निकाय चुनाव में मिली हार के बाद अरविन्द सिंह पर कांग्रेस पार्टी ने फिर से दाव खेला है। हालांकि वे वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़े थे। लेकिन 15 हजार वोट में सिमट गये। इस बार नगरीय निकाय चुनाव में उम्मीद जतायी जा रही थी कि कांग्रेस पार्टी ब्राम्हण नेताओं पर दांव खेल सकती है। ब्राम्हण व ओबीसी बाहुल्य ननि सिंगरौली में यही कयास जोर-शोर से लगाये जा रहे थे। ऐन वक्त पर कांग्रेस पार्टी ने अरविन्द सिंह शहर कांग्रेस अध्यक्ष को अपना उम्मीदवार बनाने का ऐलान कर दिया। पार्टी में ही चर्चा है कि यह सब अजय सिंह राहुल के इशारे पर हुआ है और राहुल के खेमे के माने जाते हैं। उधर अरविन्द सिंह का टिकट फाइनल होने के बाद सोशल मीडिया में कांग्रेस पार्टी के ही कार्यकर्ता अपनी-अपनी भड़ास निकालते हुए वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव को ताजा कर रहे हैं। परिणाम क्या होगा इस पर कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी।

बसपा व आप की नजर भाजपा के नेताओं पर
सूत्रों के मुताबिक बसपा एवं आम आदमी पार्टी में अभी दमदार प्रत्याशी नहीं है। जो मुकाबले को दिलचस्पबना सके। इसके लिए दोनों दल भाजपा नेताओं पर नजर रखे हुए हैं। चर्चांए है कि यदि भाजपा से नाराज कोई दिग्गज आम आदमी पार्टी व बसपा में शामिल होना चाहते हैं तो उनके लिए दरवाजा खोल रखा है। ऐसी चर्चाएं चाय-पान के ठेलों पर चल रही हैं। चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बनाने के लिए उक्त दोनों दल भाजपा पर नजर गड़ाये हुए हैं।

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