कांग्रेस के सम्भावित फैसले को लेकर दावेदारों में असन्तोष के स्वर

वर्तमान विधायक को मौका दिए जाने को नेताओं ने माना यह राष्ट्रीय अधिवेशन के फैसले के विपरीत

सतना:नगर निगम के चुनाव में महापौर प्रत्याशी को लेकर चल रहे कयासों के बीच जबसे यह चर्चा शुरू हुई है कि प्रदेश संगठन ने नए दावेदारों के वजाए आरक्षित सीटों पर अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर वर्तमान विधायक को मैदान में उतारने का मन बनाया है.इसको लेकर वे दावेदार काफी असन्तुष्ट नजर आ रहे हैं,जिन्होने वर्षों से सीट आरक्षित होने पर चुनाव लडने का मन बनाया था.उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की टिकट के लिए पिछले दिनों हुई रायशुमारी के दौरान यह बात सामने आयी थी कि प्रदेश के कुछ नगरीय निकाय चुनाव में विधायकों को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया जाएगा.

बताया गया है कि प्रदेश के जिन 3 स्थानों पर विधायकों को नगरीय निकाय के चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है उसमें सतना का भी नाम है इस बीच अभी तक महापौर की टिकिट के लिए अपना दावा प्रस्तुत कर रहे कांग्रेस के नेता संगठन के इस फैसले को लेकर असंतुष्ट नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले दिनों कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की उदयपुर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि अब पार्टी किसी भी दल के नेता को दो पदों पर नहीं रहने देंगी. ऐसी स्थितिमें वर्षों में चुनाव लडऩे के अवसर इंतजार कर रहे दावेदारों में मायूसी छा गई. उनका कहना है कि प्रदेश संगठन पार्टी  के निर्णय के विरुद्ध काम कर रहा है.

मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश संगठन ने उन नगर निगमों में वर्तमान विधायकों को मैदान में उतारने का मन बनाया है जहां उनका जनता के साथ सीधा सम्पर्क रहा है. पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार लगातार सत्ता से बाहर रहने के कारण जनता के बीच में स्थानीय स्तर के नेताओं की पकड़ पहले जैसी अब नहीं रही. यही वजह है कि पार्टी ने 2023 में होने वाले चुनाव के पहले अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जहां पार्टी की जीत की संभावनाएं प्रवल नजर आ रही हैं वहां विधायकों को अवसर दिया जा रहा है उनमें सतना भी शामिल है. हालांकि अभी भी कुछ दावेदार यह मान के चल रहे हैं कि पार्टी उनके नामों पर भी विचार करेगी. उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से सम्पर्क कर अपने अभिमत से उन्हें परचित करा दिया है.

कांग्रेस के इस फैसले के बाद सतना नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने भी गंभीर रुख अख्त्यिार कर लिया है. वो इस चुनाव में किसी प्रकार अवसर को गंवाने की स्थिति में नहीं हैं. भाजपा के पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनकी ओर से भी जो प्रत्याशी महापौर पद के लिए मैदान में आएगा वह किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होगा. दूसरी तरफ प्रत्याशी चयन में संगठन को पूरा महत्व दिया जाएगा ताकि कहीं से कोई असंतोष की स्थिति न पैदा हो. हालांकि पार्टी हल्के में इस बात की  चर्चा धीमी पड़ गई है कि भाजपा की ओर से प्रत्याशी कौन हो सकता है.

नव भारत न्यूज

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