नहीं काटा जायेगा एक भी पेड़

रातापानी टाईगर रिजर्व से लगी जमीन का मामला, सरकार ने हाईकोर्ट में दी जानकारी
जबलपुर: रातापानी टाईगर रिजर्व से लगी जमीन को कौडियों के भाव फाईव स्टार होटल, रिसॉर्ट, स्वीमिंग पूल आदि अन्य निर्माण के लिए कौडिय़ों के भावदिये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। जिसमें कहा गया है कि जिस जमीन का आवंटन किया जा रहा है उसमें लगभग 25 हजार सागौन के पेड़ लगे है। जिनका मूल्य लगभग 100 करोड़ रूपये है और जमीन का आवंटन सिर्फ दो करोड़ रूपये में किया गया है। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकारकी ओर से पेश किये गये जबाव में कहा गया कि एक भी पेड़ को नहीं काटा जायेगा। चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस पीके कौरव की युगल पीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 20 जून को निर्धारित की है।
यह जनहित का मामला अचल सिंह की ओर से दायर किया गया है।

जिसमें कहा गया है कि रातापानी टाईगर रिजर्व से लगी हुई सिहोर जिले की लगभग 50 लाख वर्गफुट जमीन पर्यटन विभाग ने तीन चरणों में फाईव स्टार होटल, रिसॉर्ट, स्वीमिंग पुल सहित अन्य प्रायोजन के लिए आवंटित की है। नियम विरुद्धतरीके से भूमि का मद परिवर्तन उक्त भूमि सरकार ने पर्यटन विभाग को दी थी। पर्यटन विभाग ने कौडिय़ों के दाम उक्त भूमि सिर्फ दो करोड़ रूपये में आवंटित कर दी है। याचिका में कहा गया था कि उक्त भूमि राजस्व रिकॉर्ड में निस्तार की भूमि के रूप में दर्ज थी।

नियमानुसार निस्तार की भूमि काउपयोग जनहित में किया जाता है तथा उसके मद परिवर्तन के लिए केन्द्र सरकार की अनुमति आवश्यक है। इसके अलावा वन विभाग ने भी उक्त भूमि को अपना बताते हुए सरकार को पत्र लिखा है। सरकार द्वारा उक्त भूमि को सीलिंग का बताया गया है और पर्टयन विभाग के आग्रह पर उसे प्रदान की गयी है। सीलिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत भी जमीन का आवंटन व्यवसायिक उपयोग के लिए नहीं किया जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि सिहोर जिले में पानी की कमी है। इसके बावजूद भी व्यावसिक उपयोग के लिए स्वीमिंग के निर्माण की अनुमतिप्रदान करते हुए जमीन का आवंटन किया गया है।

याचिका में प्रमुख सचिव पर्यटन, राजस्व व वन विभाग, कलेक्टर सिहोर, एमडी एमपीटीबी तथा केन्द्रपर्यावरण विभाग के सचिव को अनावेदक बनाया गया है। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सरकार की ओर से पेश किये गये जवाब में एक भी पेड़ नहीं काटने की जानकारी पेश की गयी। जिसके बाद युगलपीठ ने अगली सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश पंचौली ने पैरवी की।

नव भारत न्यूज

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