जंगल राज: फर्जी पिटपास घोटाला उजागर, पन्ना की पत्थर खदानों के पिटपास चल रही सतना जिले की खदान

पन्ना: जिले में माफियाओं का राज चल रहा है और जिला प्रशासन माफियाओं के सामने नतमस्तक समझ में आ रहा हैं क्योंकि कभी भी पत्थर खदानों की स्वीकृति के बाद न तो उनकी सीमा रेखाएं बनाई जाती न मुनारे बनाये जाते हैं मौंके पर कब्जा देने के बाद खदान ठेकेदार स्वीकृत क्षेत्र में चला रहा है कि उससे हटकर अन्य जगह स्वीकृत से कई गुना अधिक क्षेत्रफल पर चला रहा है या खदान बिल्कुल नहीं चला रहा है। केवल पिटपासों की बिक्री मनमाने दामों में कर रहा है यह सब मॉनीटरिंग जिला प्रशासन द्वारा नही की जाती है इसी का परिणाम है समूचे जिले में लगभग 90 प्रतिशत पत्थर खदानें अवैध रूप से स्वीकृत क्षेत्र से हटकर कई गुना अधिक क्षेत्रफल पर खदानें चलाई जा रही हैं। ऐसा नहीं है कि यह काम कोई चोरी छिपे चल रहा है.

जब कलेक्ट्रेट के चंद दूरी पर जिला मुख्यालय में ही चार वर्ष से मांझा लालिया, जनकपुर, रक्सेहा, गांधीग्राम, पीपरटोल्हा आदि क्षेत्रों में जहां कोई खदान स्वीकृत नहीं है खुलेआम पूरे दिन अवैध रूप से पत्थर खदानांे का संचालन किया जा रहा है और जिला प्रशासन एवं पूरे शहर वासियों के सामने शहर का सीना चीरते हुए पूरे दिन अवैध परिवहन एवं खनन होता है। जब जिला मुख्यालय में यह हाल है तो जिले के दूर दराज जहां स्वीकृत की 90 प्रतिशत खदानें दूरांचल क्षेत्रों में चल रही हैं वहां क्या हाल होगा स्वमेव अंदाजा लगाया जा सकता है एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है जिसमें जिले की दो पत्थर खदानों के पिटपासों के सहारे सतना जिले के परसमानिया में दबंग रसूखदारों द्वारा अवैध पत्थर खदानें चलाई जा रही हैं जिसकी शिकायत मिलने पर संचालक खनिकर्म एवं भौमिकी जबलपुर द्वारा तत्काल बछौन एवं जूडा खदानों के पिटपास पर रोक लगा दी है क्योंकि इन खदान संचालकों पर आरोप है कि वे अपने पिटपास मनमाने दामों पर सतना जिले के परसमानिया अवैध पत्थर खदान में उपयोग किया जा रहा है।

बछौन और जूड़ा के फर्शी पत्थर खदानों के पिटपास का उपयोग सतना जिले के परसमनिया में अवैध रूप से खनन किए गए फर्शी पत्थरों के परिवहन पर किया जा रहा है। इसकी शिकायत पर खनिज विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर ने पन्ना कलेक्टर को उक्त खदानों की ईटीपी पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। मामले में शिकायतकर्ता रामेश्वर प्रसाद तिवारी निवासी ग्राम बिलघाड़ी ने शिकायत की थी कि ग्राम बछौन में फर्शी पत्थर खदान संचालक विवेक सिंह और ग्राम जूड़ा में फर्शी पत्थर खदान चलाने वाले विनोद माली द्वारा अपनी-अपनीे खदानों के पिटपास का दुरुपयोग करते हुए खदानों के पिटपास पर परसमनिया पठार में अवैध रूप से उत्खनन किए गए फर्शी पत्थरों का परिवहन किया जा रहा है। उक्त शिकायत के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालय के कलेक्टर को पत्र लिखकर ईटीपी पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए। साथ ही मौके का भौतिक सत्यापन कराए जाने की बात कही गई थी।

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