सवालों के घेरे में डीपीसी पद का अतिरिक्त प्रभार

मामला राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेश के विपरीत जिला शिक्षा केन्द्र सीधी में पदस्थ किये गये जिला परियोजना समन्वयक का

सीधी : जिले में जिला परियोजना समन्वयक के पद को विभाग द्वारा मजाक बना लिया गया है। बगैर अर्हता वाले अधिकारी को नियम विरूद्ध तरीके से प्रभार दिया गया है। डाईट सीधी में व्याख्याता के पद पर पदस्थ राकेश सिंह को नियम विरूद्ध तरीके से प्रभारी डीपीसी बनाया गया है, जो सवालों के घेरे में है।उल्लेखनीय है कि शासन के नियमानुसार जिला परियोजना समन्वयक के पद पर शिक्षा विभाग/आदिवासी विकास विभाग के सहायक संचालक अथवा हायर सेकेण्डरी संवर्ग के प्राचार्य स्तर के अधिकारियों को पदस्थ किये जाने का आदेश शासन द्वारा जारी किया गया है।

जिसके तहत ही अन्यत्र जिलों में परियोजना समन्वयक के पद पर अर्हता रखने वाले अधिकारियों की पदस्थापना पर की गई है। किन्तु सीधी जिले में डीपीसी के पद को लेकर मजाक का दौर चल रहा है। समय-समय पर मनमानी तरीके से नियमों को ताक पर रखते हुए आदेश जारी कराये जा रहे हैं। डाईट सीधी में बतौर व्याख्याता पदस्थ राकेश सिंह को डाइट का प्रभारी प्राचार्य का प्रभार मिला था जिसके साथ 29 अक्टूबर 2021 को जिला कलेक्टर द्वारा एक आदेश जारी कर राकेश सिंह को आगामी आदेश तक के लिये प्रभारी परियोजना समन्वयक सीधी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

तब से लेकर अभी तक राकेश सिंह द्वारा आहरण एवं संवितरण सहित सभी कार्र्य किये जा रहे थे। लेकिन गत दिवस पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ रहे नवल सिंह को शासन द्वारा डीईओ पद से हटाते हुए डाईट का प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि राकेश सिंह अब सिर्फ डाईट में व्याख्याता है उनके पास प्रभार के तौर पर डाईट प्राचार्य का पद भी नहीं है, ऐसी स्थिति में उनके डीपीसी बने रहने की अर्हता समाप्त हो जाती है। शासन द्वारा 6 मई 2022 को जारी एक आदेश में नवल सिंह को डीईओ के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए डाईट का प्राचार्य बनाया गया है।

डिप्टी कलेक्टर के पास था अतिरिक्त प्रभार
जिले में पदस्थ रहे डिप्टी कलेक्टर आनंद सिंह राजावत के पास डीपीसी का अतिरिक्त प्रभार था। जिस पर कलेक्टर द्वारा एक आदेश जारी करते हुये आदेश क्र. 533/3 बी-स्थापना/2021, 26 अगस्त 2021 को परियोजना समन्वयक पद के अतिरिक्त प्रभार से श्री राजावत को मुक्त करते हुये तत्कालीन डाईट प्राचार्य राकेश सिंह को डीपीसी का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश तक के लिये सौंपा गया था। इस आदेश के बाद ही जिले की शिक्षा व्यवस्था में तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे थे कि राकेश सिंह के पास डीपीसी के अतिरिक्त प्रभार की अर्हता नहीं है फिर भी उन्हें नियम विरूद्ध तरीके से प्रभार सौंपा गया है।

राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेश को तब्बजो नहीं
जिला शिक्षा केन्द्र सीधी में डीपीसी के पद पर पदस्थापना को लेकर राज्य शिक्षा केन्द्र का जो आदेश जारी हुआ है उसको सीधी जिले में तब्बजो नहीं दिया जा रहा है। यहां हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में पदस्थ प्राचार्य एवं सहायक संचालक स्तर के अधिकारी हैं, इसके बावजूद भी नियम विरूद्ध तरीके से डीपीसी पद पर राकेश सिंह पदस्थापना समझ से परे है।

जिला कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान के सामने गलत तरीके से प्रस्ताव रखते हुए इस पद का अतिरिक्त प्रभार पाने वाले श्री गहरवार सीधी से भोपाल तक एड़ी-चोटी लगाने में माहिर हैं। उनके लिये नियम कानून कोई मायने नहीं रखता है। डाईट में भी प्रभारी प्राचार्य रहते हुये नियमों के विपरीत कार्य किये गये। बिना अर्हता के ही डीपीसी का प्रभार भी इन्हें दिया गया है। जबकि इसके पूर्व अभी तक ऐसा नहीं हुआ था। वर्तमान समय में जो हालात जिला शिक्षा केन्द्र कार्यालय में बने हुए हैं उससे कार्यालय के स्टाफ भी खुश नहीं हैं।

नव भारत न्यूज

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