जनसंख्या दर घटाने नहीं कर रहे प्रयास

हाईकोर्ट ने दिये अभ्यावेदन पेश करने निर्देश के साथ मामले का किया पटाक्षेप
जबलपुर: प्रदेश में जनसंख्या नीति प्रभावी ढंग से लागू किये जने की मांगते हुए हुए एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गयी थी। चीफ जस्टिसरवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस पीके कौरव की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए इस संबंध में सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने केनिर्देश आवेदक को दिये है। यह जनहित का मामला नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे की ओर से दायर किया गया था।

जिसमें कहा गया था कि प्रदेश में जनवरी 2000से जनसंख्या नीति लागू की गयी थी। पिछले 21 सालों से इस नीति की समीक्षा तथा विश्लेषण नहीं किया गया है। इस नीति को लागू करने के बाद दो राज्यस्तरीय व उच्च स्तरीय कमेटियों का तथा जिला स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया था। परंतु यह कमेटियां निष्क्रिय है। याचिका में कहा गया था कि नीति के अनुसार फर्टीसीटी रेट 2.1 होना चाहिए। जिससे प्रतिवर्ष संख्या मेंसिर्फ 1 प्रतिश्त बढ़ोत्तरी हो सके। यह नीति सिर्फ कागजो तक समिति है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ उक्त याचिका का निराकरण कर दिया। याचिका कर्ता की ओर से अािवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने पैरवी की।

नव भारत न्यूज

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