संगीत की स्वरलहरियों से सराबोर हुआ जलबिहार

आनंदनाम सवंत्सर विदाई समारोह का आयोजन
ग्वालियर :  आकर्षक विद्युत सज्जा से सुसज्जित जलबिहार के तैरते सतरंगी रंगमंच पर पारम्परिक गीत, कविताओं एवं शास्त्रीय संगीत की स्वरलहरियों ने शुक्रवार की शाम ऐसा समां बाधा कि शहरवासी एवं श्रोतागण संगीत की गहराईयों में खो गये। मौका था नगर निगम द्वारा संस्कार भारती के संयोजन में आयोजित आनंदनाम सवंत्सर विदाई महोत्सव का।नगर निगम द्वारा प्रतिवर्ष की भांति नवसवंत्सर स्वागोत्सव महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की श्रृंखला में नलनाम नवसवंत्सर की पूर्व संध्या पर आनंदनाम सवंत्सर विदाई महोत्सव का आयोजन जलबिहार परिसर में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथिगणों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, पूर्व सभापति लालजी जादौन , राकेश माहोर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष कृष्ण राव दीक्षित, संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, निगमायुक्त किशोर कन्याल, संस्कार भारती के महानगर कारकारी अध्यक्ष दिनेश मिश्रा एवं महामंत्री मनीष दीक्षित एवं संस्कार भारती के अतुल अधोलिया, दिनेश दुबे, श्रीमती अनीता करकरे सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारे भारत की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है हमारा नव संवत्सर। हमें संस्कृति व संस्कार विरासत में मिले हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने सभी से आग्रह किया कि नए वर्ष में स्वच्छता का संकल्प लें और ग्वालियर को स्वच्छ व विकसित शहर बनाने में सहभागिता करें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्कार भारती का ध्येय गीत एवं स्वच्छता गीत अंकिता अनूप कैलसिया द्वारा प्रस्तुत किया गया।

7.10 बजे सुगम संगीत ग्वालियर म्युजिकल सोसायटी के राजेंद्र माणिक एवं डॉ नीतू प्रसाद द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अगले क्रम में गुरुग्राम हरियाणा की कत्थक नृत्यांगना नयनिका घोष द्वारा मनमोहक कत्थक नृत्य की प्रस्तुत दी गई। उनका नृत्य देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इसके साथ ही 08.20 बजे पखावज वादन जगतनारायण द्वारा प्रस्तुत किया गया। फिर 8.40 बजे मनमोहक भरतनाट्टयम की प्रस्तुति शिष्यवृन्द द्वारा श्रीमती पदमजा पिल्लै के निर्देशन में दी गई। 9.00 बजे संगीत शाश्वत- श्रीरंग संगीत एवं कला संस्थान, 9.40 बजे देवी आव्हान अनूप अवस्थी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
गौ-उत्पाद से बनाया ईकोफ्रेंडली की थीम पर बैकड्राप
नलनाम नवसवंत्सर के स्वागत के लिये जलविहार को आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ ही, संुदर रंगोली एवं फूलों से सजाया गया है। इस अवसर आयोजित महोत्सव में मंच पुरातन ग्रामीण परिवेश के आधार पर तैयार किया गया है। मंच का बैकड्राप ईकोफ्रेंडली गोबर शिल्प एवं गोबर आर्ट द्वारा बनाया गया है। बैकड्राप बनाने में टाट के कपडे, गोबर एवं पीली मिटटी का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही घरेलू ,खाद्य पदार्थ के रंगो का उपयोग किया जा रहा है। यह बैकड्राप बैतूल, विदिशा एवं भोपाल के 8 कलाकारों द्वारा तैयार किया गया।

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