सिरोल पर फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब का काम मई तक पूरा, ठेकेदार को एफिडेविट

ग्वालियर: सिरोल पर निर्माणाधीन फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब का काम मई तक पूरा करने के लिए ठेकेदार फर्म ने हाउसिंग बोर्ड के अफसरों को शपथ पत्र के साथ आवेदन किया है। इस परियोजना का काम सात माह देरी से चलने के कारण गत 28 जनवरी को बोर्ड ने ठेकेदार के साथ किया गया अनुबंध समाप्त कर दिया था। अब आवेदन पर बोर्ड के अफसर विचार कर रहे हैं कि ठेकेदार को मई तक का समय दिया जाए या नहीं। इस लैब की इमारत का निर्माण 4.96 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। लैब शुरू होने से ग्वालियर सहित अंचल के अन्य जिलों के सैंपल भी यहां जांचे जाते और उनकी रिपोर्ट कुछ ही दिनों में मिल सकती है।

हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने जून 2020 में मुरार निवासी ठेकेदार मूलचंद जैन से अनुबंध लैब के निर्माण का अनुबंध किया था और कार्यादेश के अनुसार ठेकेदार को 12 माह के अंदर इस लैब की इमारत का निर्माण पूरा करना था। कोरोना लाकडाउन के कारण ठेकेदार के अनुबंध में समयवृद्धि कर मार्च 2022 तक की सीमा तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद मौके पर सिर्फ 35 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है और किसी भी हालत में 31 मार्च तक बाकी 65 प्रतिशत कार्य पूरा होना संभव नहीं आ रहा है। इसके चलते अफसरों ने अनुबंध समाप्ति का कदम उठाया। अब इस मामले में ठेकेदार ने शपथ पत्र के साथ कार्य योजना प्रस्तुत की है कि वह किस तरह से मई माह के अंत तक इस इमारत का निर्माण पूर्ण करेगा। इस मामले में अब उपायुक्त एसके सुमन को निर्णय करना है। यदि ठेकेदार को मई तक की समय-सीमा मिलती भी है, तो भी इस लैब का निर्माण 11 महीने देरी से पूरा हो पाएगा।
अध्यक्ष ने जताई थी नाराजगी
गत एक फरवरी को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने इस लंबित परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में देरी पर नाराजगी जताई थी। चूंकि इन परियोजनाओं का बजट स्वीकृत है। ऐसे में कार्य लेट होने पर उन्होंने इसे तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे। ऐसे में अफसर विचार कर रहे हैं कि उसी ठेकेदार को काम दिया जाए या फिर किसी नई फर्म को कार्य सौंपा जाए, तो समय से इसका निर्माण पूरा करा दे।

नव भारत न्यूज

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