सर्वे व मुआवजे की मांग को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन

सोयाबीन की बांझ फसल लेकर टै्रक्टर-ट्राली से कलेक्ट्रेट पहुंचे कई गांवों के किसानों ने की सर्वे की मांग
सीहोर नवभारत न्यूज. लगातार तीसरे साल फसल प्रभावित होने से हताश किसान अब प्रदर्शन की राह पर उतर आया है. मंगलवार को कई गांवों के किसानों ने खराब फसल के साथ कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया और सर्वे व मुआवजा देने की मांग को लेकर कपड़े भी उतार डाले.
खरीफ फसल की बोवनी के बाद बारिश की लंबी खेंच और बाद में लगातार बारिश ने खरीफ सीजन की फसलों को नुकसान पहुंचाया है. इल्लियों के हमले से बेदम हो चुकी सोयाबीन फसल अधिक बढ़वार से अब बांझ भी हो गई है. प्राकृतिक आपदा के प्रकोप से फसलों को नुकसान हुआ है.
कई गांवों से आए थे बेबस अन्नदाता
किसान स्वराज संगठन व क्षेत्र के किसानों सहित अन्य गांव सेमरादांगी, चंदेरी, पीपलिया मीरा, संग्रामपुर के सैकड़ों किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे. जहां कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर और डिप्टी कलेक्टर आदित्य जैन को ज्ञापन दिया. ज्ञापन में इल्लियों के प्रकोप से खराब व बांझ फसलों का शीघ्र सर्वे किए जाने की मांग की. कलेक्ट्रेट के गेट पर किसानों ने करीब आधा घंटे से ज्यादा समय तक जमकर नारेबाजी की और अर्धनग्न होकर अपना विरोध प्रदर्शन किया. डिप्टी कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर खराब हुई फसल का सर्वे कराया जाएगा.
तीन घंटे तक कलेक्ट्रेट में रही भीड़
सुबह करीब 11 बजे से ही इछावर, सीहोर, श्यामपुर क्षेत्र के किसान कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होने लगे थे. किसान अपने खेतों में खराब हुई सोयाबीन फसल लेकर पहुंचे थे. करीब आधा घंटे बाद किसानों की भीड़ एकत्रित हो गई. इसके बाद अलग-अलग टुकडिय़ों में आए किसानों ने खराब फसलों को लेकर प्रदर्शन किया. कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद भी परिसार में करीब दो घंटे तक किसानों की भीड़ जमा रही.
शीघ्र सर्वे कराकर दिया जाए बीमा
किसान स्वराज संगठन व किसानों ने ज्ञापन देकर मांग की है कि इल्लियों के प्रकोप व बांझ हुई सोयाबीन फसल के नुकसान का शीघ्र ही सर्वे कराया जाए. सर्वे कराने के बाद किसानों को शीघ्र ही फसल बीमा क्लेम दिया जाए ताकि किसानों को बीमा क्लेम का लाभ मिल सके. किसानों का कहना था कि सोयाबीन फसल लगातार तीन साल से खराब हो रही है। लेकिन वर्ष 19 खरीफ फसल बीमा अभी तक अटका हुआ है. जबकि किसान इसकी मांग को लेकर प्रदर्शन व ज्ञापन भी दे चुके हैं. किसान विनयसिंह दांगी, बलवान सिंह, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, भगवत सिंह आदि का कहना है कि सोसायटी के खाताधारक किसान जब भी बैंक जाते हैं तो उन्हें कोई जवाब नहीं दिया जाता. वहीं शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने पर हर बार 15 दिन का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन यह अभी तक नहीं मिला है। जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नियम में दिया गया है कि अगर फसल खराब होती है तो 25 प्रतिशत नुकसान किसान को तत्काल दिया जाए. लेकिन आज तक किसानों को एक फूटी कौड़ी भी मुआवजा नहीं मिल सका है.

फसल सर्वे कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा: विधायक
सोयाबीन की खराब फसल लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान विधायक सुदेश राय के कार्यालय पर पहुंचे थे. डोबरा, मुंगावली, नोनीखेडी गोसाई, कौडियाछीतू से किसान आए। इस मौके पर विधायक श्री ने कहा कि सरकार किसान हितैषी है, जल्द सर्वे शुरू होगा किसान भाइयों के नुकसान की भरपाई कराई जाएगी. किसानों का कहना है कि हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई सोयाबीन फसल बर्बाद हो चुकी है. अतिवृष्टि, इल्ली और अफलन के कारण कई गांव में खराब हुई फसलों को देख वह परेशान हैं. उन्हें कर्ज चुकाने के साथ पूरा साल बिताने की चिंता सताने लगी है. कुछ किसानों ने खराब फसल को खेतों से काटकर हटाना शुरू कर दिया है. मौसम खुलते ही वे इन खेतों में दूसरी फसल लगा देंगे, ताकि सोयाबीन फसल में हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सके. विधायक के कार्यालय में पहुंचे किसानों ने अपनी चिंता से विधायक श्री राय को अवगत किया और अपनी खराब फसलों को भी बताया था.

नव भारत न्यूज

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