पांच राज्यों में चुनावों के एलान के साथ ही राजनीतिक दलों में जंग की शुरूआत

नयी दिल्ली, (वार्ता) चुनाव आयोग के शनिवार को पांच राज्यों में चुनाव कार्यक्रमों के एलान के साथ ही राजनीतिक दलों की लड़ाई का मैदान खुल गया है। सभी राजनीतिक दलों ने चुनावों की घोषणा स्वागत किया है। इन पांच राज्यों में से चार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है जबकि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। पिछले पांच साल में पंजाब को कांग्रेस ने दो मुख्यमंत्री दिए जबकि उत्तराखंड में भाजपा ने तीन मुख्यमंत्री बनाए।
भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा,“ विधानसभा चुनावों में भाजपा को जनता का फिर आशीर्वाद प्राप्त होगा। भाजपा प्रंचड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी और सेवा एवं विकास के कार्यों को नयी ऊचाइयों तक ले जाएगी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा,“ लड़ेगा, बढ़ेगा, जीतेगा उत्तर प्रदेश। दस मार्च को नौजवानों, किसानों, महिलाओं ,श्रमिकों,व्यापारियों और आमजनों की जीत का मार्च होगा।”
कांग्रेस ने कहा कि चार राज्यों में वह अपने दम पर सरकार बनाएगी और उत्तर प्रदेश में उसके बिना कोई सरकार नहीं बना सकेगा।
सभी पांचों राज्यों में चुनाव कार्यक्रम कुल सात चरणों में पूरे होंगे। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में, मणिपुर में दो चरणों में और उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण के वोट 10 फरवरी को डाले जाएंगे और सभी राज्यों में मतों की गिनती का काम 10 मार्च को होगा। चुनाव के दौरान कोविड गाइडलाइन को सख्ती से लागू किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चन्द्रा ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी और हमारे पर्ययवेक्षक रैलियों पर पांबदी और दूसरे निर्देशों के अनुपालन पर कड़ी निगाह रखेंगे और उल्लघंन होने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मतदाताओं से पूरे उत्साह से मतदान में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि हमारे सभी मतदान केन्द्र कोविड के हिसाब से सुरक्षित हैं और सभी चुनावकर्मी वैक्सीनेटेड हैं। कोविड को ध्यान में रखते हुए इस बार कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 16 फीसदी बढ़ा दी गई है। कुल दो लाख 15 हज़ार से ज़्यादा मतदान केन्द्र रखे गए हैं। हर केन्द्र पर अधिकतम मतदाताओं की संख्या डेढ़ हजार से घटाकर 1200 कर दी गई है। मतदान की अवधि इस बार एक घंटा बढ़ा दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पहले चरण में उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को वोट डाले जाने के साथ मतदान का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इन चुनावों की शुरुआत होगी। पहले चरण में 10 फरवरी को इस इलाके के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण में 14 फरवरी को नौ जिलों के 55, तीसरे चरण में 20 फरवरी को 16 जिलों के 59 , चौथे चरण में 23 फरवरी को नौ जिलों की 59, पांचवे चरण में 27 फरवरी को 11 जिलों की 61 सीटों, छठे चरण में तीन मार्च को 10 जिलों की 57 और सातवें दौर के आखिरी चरण में नौ ज़िलों के 54 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।
मणिपुर में पहले चरण में 27 फरवरी को छह ज़िलों की 38 सीटों और दूसरे चरण में 10 जिलों की 22 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पंजाब की सभी 117, उत्तराखंड की 70 और गोवा की 40 सीटों पर 14 फरवरी को एक ही चरण में मतदान सम्पन्न होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि साल 2012 में सभी राज्यों में कुल नौ चरणों में और 2017 में कुल आठ चरणों में वोट डाले गए थे।
श्री चन्द्रा ने कहा कि यह लोकतंत्र का त्योहार है, इसमें मतदाताओं को पूरे उत्साह से भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव का सफल बनाना राजनीतिक दलों सहित सभी संबंधित पक्षों का दायित्व है।

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