नहीं रहे केन्या के संरक्षणवादी रिचर्ड लीकी, 77 साल की उम्र में हुआ निधन

नैरोबी 03 जनवरी (वार्ता) विश्व प्रसिद्ध केन्या के संरक्षणवादी एवं जीवश्म वैज्ञानिक रिचर्ड लीकी का निधन हो गया है।वह 77 वर्ष के थे।

केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केन्याट्टा ने यह जानकारी दी।जीवाश्म वैज्ञानिक लीकी मानव जाति की उत्पति सबसे पहले अफ्रीका में हुई थी, इस बात को साबित करने के कार्य में मदद के लिए प्रसिद्ध थे।

राष्ट्रपति ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “मुझे आज रविवार अपराह्न (02 जनवरी) केन्या के पूर्व लोक सेवा प्रमुख डॉ रिचर्ड एर्स्किन फ्रेरे लीकी के निधन का दुखद समाचार मिला।
केन्या के लोगों, मेरे परिवार और अपनी ओर से मैं शोक की इस घड़ी में डॉ. रिचर्ड लीकी के परिवार, दोस्तों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ।”
सीएनएन न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार डॉ. रिचर्ड लीकी को जीवाश्मों की खोज के लिए जाना जाता है।उन्हें विशेष रूप से 1984 में “तुर्काना बॉय” की हड्डियों की खुदाई एवं एक युवा पुरुष होमो इरेक्टस का लगभग 16 लाख वर्ष पहले का पूर्ण कंकाल पर शोध के लिए जाना जाता है।”रॉयल सोसाइटी ने कहा कि केन्या में हाथियों और गैंडों के अवैध शिकार को रोकने के अभियान में उनकी प्रमुख भूमिका रही थी।

उनका ताल्लुक प्रसिद्ध पुरातत्वविदों के परिवार से हैं।उनकी मां, मैरी लीकी ने 1978 में इस बात के सबूत की तलाश की थी कि आदमी में सोचने की क्षमता विकसित होने से पहले वह सीधा होकर चलना सीखा था।
उन्होंने और उनके पति लुई लीकी ने हमारे पूर्वजों पर रोशनी डालते हुए बताया था कि पहले मनुष्यों की वानर जैसी खोपड़ी हुआ करती थी।

नव भारत न्यूज

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