नव वर्ष पर ननि के दो अधिकारियों के प्रभार पर चली कैंची

नवभारत खबर का असर, अधीक्षण यंत्री व्हीपी उपाध्याय व प्रभारी सहायक यंत्री पीके सिंह का प्रभार वापस,सामुदायिक भवन मरम्मत का जुड़ा है मामला
नवभारत इम्पैक्ट
सिंगरौली :  नगर पालिक निगम सिंगरौली के दो अधिकारियों के प्रभार पर आयुक्त ने कैंची चलाते हुए प्रभार वापस ले लिया है। व्हीपी उपाध्याय के पास अधीक्षण यंत्री व पीके सिंह के पास सहायक यंत्री का अतिरिक्त प्रभार था। मामला सामुदायिक भवन बिलौंजी के आडिटोरियम हाल मरम्मत व साउंड प्रूफिंग से जोड़ा जा रहा है।गौरतलब हो कि नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्र.42 स्थित अटल सामुदायिक भवन बिलौंजी के आडिटोरियम व साउंड प्रूफिंग के कार्य में उपयंत्री पीके सिंह ने करीब 39 लाख रूपये का मूल्यांकन करते हुए बिल वाउचर तैयार कर भुगतान के लिए कार्यपालन यंत्री व सहायक यंत्री के बगैर भौतिक सत्यापन कराये अधीक्षण यंत्री बीपी उपाध्याय के पास नस्ती प्रस्तुत कर दिया था।

तत्पश्चात लेखा शाखा के द्वारा कई आपत्त्ति लगाकर नस्ती को वापस कर दिया था। हालांकि सामुदायिक भवन आडिटोरियम व अन्य कार्यों का भुगतान अभी लटका हुआ है। वहीं नवभारत ने भी जब मामला उजागर किया तो ननि अमले में हड़कम्प मच गया था। हालांकि कलेक्टर के निर्देश पर जांच के नाम पर उक्त मामले की खानापूर्ति कर क्लीन चिट मीडिया के माध्यम से दे दिया गया था। हालांकि किसी अधिकारी का अधिकृत बयान नहीं था। मामला फिर से गरमाया और नगर पालिक निगम सिंगरौली के चर्चित उपयंत्री पीके सिंह व संविदाकार के क्रियाकलाप लगातार सुर्खियों में आने लगा है। अभी कई ऐसे निर्माण कार्य हैं जिनमें परफार्मेंस बैंक गारंटी को लेकर प्रश्रचिन्ह खड़े होने लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि संविदाकार पर मेहरबान ननि के अधिकारियों ने एक नहीं कई तरह की दरियादिली दिखाते हुए मेहरबानी दिखाई है।

ननि सिविल डिपार्टमेंट के अधीक्षण यंत्री, उपयंत्री के क्रियाकलाप अब किसी से छुपा नही है। भले ही मीडिया के माध्यम से वाहवाही लूटने का प्रयास करते हुए स्वयं की पीठ थपथपा रहे हों लेकिन लोगों के गले से यह बात नहीं उतर रही है। इधर समाचार प्रकाशन के बाद आयुक्त ने व्हीपी उपाध्याय कार्यपालन यंत्री विद्युत के पास प्रभारी अधीक्षण यंत्री ननि का अतिरिक्त प्रभार था 10 अक्टूबर 2021 को आदेश जारी हुआ था जहां उक्त प्रभार को आयुक्त ने निरस्त कर दिया है। साथ ही आरपी शर्मा प्रभारी सहायक यंत्री पिछले माह 30 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो गये थे। जहां सहायक यंत्री बिलौंजी जोन का एसडीओ का अतिरिक्त प्रभार उपयंत्री पीके सिंह के पास था। आयुक्त आरपी सिंह ने आनन-फानन में एसडीओ का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। अब कलेक्टर के निर्देश पर निगमायुक्त के द्वारा की गई उक्त कार्रवाई से ननि दफ्तर में तरह-तरह के चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

निर्माण कार्यों की जांच से उठ सकता है बड़ा पर्दा
नगर पालिक निगम सिंगरौली के चर्चित उपयंत्री पीके सिंह के द्वारा निर्माण कार्यों के मूल्यांकन व प्राक्कलन का विधिवत जांच करा दी जाय तो रहस्य का कई बड़ा पर्दा उठ सकता है। आरोप है कि उपयंत्री ने अपने चहेते संविदाकार को लाभ पहुंचाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है। नगरीय क्षेत्र में ऐसे कई निर्माण कार्य हैं जहां प्राक्कलन के अनुसार कार्य नहीं हुआ है। बिलौंजी सामुदायिक भवन का भले ही भुगतान अभी लटका हो लेकिन यह कार्य सुर्खियो में है। वहीं ताली नाला सत्या होटल के समीप आरसीसी कार्य की भी दूसरे एजेंसी से जांच कराने की मांग तेज हो गयी है।

जिन पर लगा है आरोप वही संभाल रहे जांच का जिम्मा
नगर पालिक निगम सिंगरौली में विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर ननि अधिकारी सवालों के कटघरे में आ गये हैं। प्रबुद्ध नागरिकों ने हैरानी जतायी है कि जिन पर कार्यों में गड़बड़झाला करने व चहेते संविदाकार को लाभ पहुंचाने का प्रयास करने वाले अधिकारियों पर शक की सुई घूम रही है उन्हीं पर जांच का जिम्मा छोड़ गया है। वे अपनी ही त्रुटियों को कैसे साबित करेंगे वे हरिश्चन्द्र की तरह केवल ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हुए गीत गुनगुनायेंगे।

इनका कहना है
अभी मैं दूसरी जगह व्यस्त हूॅ। क्या कार्रवाई हुई है इस पर बाद में चर्चा करता हूॅ।
आरपी सिंह
आयुक्त,नपानि,सिंगरौली

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