हम अपने गेंदबाज़ों को नेट्स में खेलते हुए डरते हैं : राहुल

सेंचुरियन, 31 दिसंबर (वार्ता) भारतीय उपकप्तान लोकेश राहुल ने दक्षिण अफ्रीका से सेंचुरियन में पहला टेस्ट ११३ रन से जीतने के बाद कहा कि नेट्स में मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का सामना करना टेस्ट मैच में विरोधी गेंदबाज़ों का सामना करने से कहीं ज़्यादा कठिन था।

भारत का तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण विदेश में मिली ​जीत में महत्वपूर्ण रहा है, जिसमें सेंचुरियन की यह जीत भी शामिल हैं, जहां पर मोहम्मद शमी ने 107 रन देते हुए मैच में कुल आठ विकेट हासिल किए।
राहुल ने कहा, ‘उन्हें नेट्स में खेलना ज़्यादा मुश्किल है, ख़ासकर मेरे लिए या बहुत सारे बल्लेबाज़ों के लिए जो नेट्स में बल्लेबाज़ी का उतना आनंद नहीं लेते हैं।इन लोगों ने हममें डर पैदा कर दिया है।
जब हम नेट पर उनका सामना कर रहे होते हैं तो वे हमें टीम के साथी के रूप में बिल्कुल नहीं मानते हैं, वे बहुत प्रतिस्पर्धी गेंदबाज़ हैं और इसलिए हां, हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारी गेंदबाज़ी में ऐसी गुणवत्ता है।
देखिए तो 2-3 अन्य गेंदबाज़ बाहर बैठे हैं, जिन्होंने खुद को साबित किया है और जो शानदार तेज़ गेंदबाज़ हैं? इशांत शर्मा और उमेश यादव।
हमारे पास बड़ी बेंच स्ट्रेंथ है।

सेंचूरियन पिच के बारे में राहुल सहित अन्य खिलाड़ियों ने यह अंदाजा लगाया था कि यह पिच शुरुआत में धीमी रहेगी और बाद में अपनी असमतल उछाल के कारण मुसीबत खड़ी करेगी।इसे ध्यान में रखते हुए राहुल ने कहा कि भारत ने महत्वपूर्ण टॉस जीता था।

2018 और 2019 के दौरान रनों से जूझने के बाद लोकेश राहुल को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था।उस अवधि में 15 टेस्ट में उनका औसत 22.23 था, जिनमें अधिकतर विदेशी सरजमीं पर खेल गए थे।राहुल ने इस साल एक मज़बूत वापसी की और पांच टेस्ट में 461 रन बनाए।
लॉर्ड्स और सेंचूरियन में शतकों सहित 46.10 का औसत, जिसने भारत की यादगार जीत की कहानी लिखी।उन्होंने इस परिवर्तन के लिए मानसिकता में बदलाव को श्रेय दिया है, विशेष रूप से उन्होंने गेंद को ऑफ़ स्टंप के बाहर छोड़ने का आनंद लेना सीख लिया है।
यही एक ख़ास वजह है जिससे उनकी बल्लेबाज़ी में सुधार हुआ है।

भारत द्वारा सेंचूरियन में 113 रनों की जीत के बाद राहुल ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘यह कुछ ऐसा है जिसे करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और यह टेस्ट क्रिकेट की कुंजी है।आपको ऑफ़ स्टंप के बाहर की गेंदों को छोड़ने का आनंद लेने की ज़रूरत है।
मुझे पता है कि हम बहुत सारे वनडे और टी20 क्रिकेट खेलते हैं और पूरे मैदान में गेंद को मारना रोमांचक है, लेकिन यह एक ही समय में रोमांचकारी है।
हालांकि, जब आप टेस्ट क्रिकेट में आते हैं तो आपको अनुशासित होना सीखना होगा।इंतज़ार करें और कभी-कभी इसका आनंद लें।

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