चावल की गुणवत्ता जांच करने पहुंची टीम ने दिखाई औपचारिकता

सेम्पल में मानक स्तर के मिले चावल, मैनेज करने में लगे रहे मिलर

रीवा:  चावल की गुणवत्ता जांचने दिल्ली एफसीआई की टीम सोमवार को रीवा पहुंची. गुणवत्ता जांच की केवल औपचारिकता पूरी की गई. अधिकांश चावल मिलरों ने रेलवे डम्पिग प्वाइंट में भेज दिया था. केवल जांच की खानापूर्ति की गई. डिप्टी कमिश्नर क्वालिटी विश्वजीत हल्दर ने एफसीआई के गोदाम एवं पीजीआई गोदाम चोरहटा और मिलर के यहां पहुंचकर चावल के सेम्पल लिये और गुणवत्ता परखी. संभाग के तीन दिवसीय दौरे पर श्री हल्दर पहुंचे है. जो भी चावल के सेम्पल लिये गये वह मानक स्तर के पाये गये है.

उल्लेखनीय है कि दो साल पूर्व एफसीआई की टीम जांच करने आई थी. जिसमें कई गड़बडिय़ां मिली थीं, जिसको लेकर नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी और मिलर डरे हुए थे. दोपहर डिप्टी कमिश्नर क्वालिटी विश्वजीत हल्दर नान अधिकारियों के साथ चावल की गुणवत्ता जांचने निकले. चोरहटा गोदाम में चावल के सेम्पल लिये गये. इसके साथ ही एफसीआई के गोदाम में भी चावल को देखा गया. 8 अलग-अलग सेम्पल लिये गये. इसके साथ ही एक राशन की दुकान का भी निरीक्षण करने पहुंचे और उद्योग बिहार चोरहटा में स्थित सुभाष राइसमिल के यहां पहुंचकर चावल की गुणवत्ता परखी.

बताया गया है कि चावल के जो सेम्पल लिये गये उसमें मानक स्तर का चावल पाया गया. जिस तरह से टीम ने जांच की औपचारिकता पूरी की उसको लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है. पूर्व से ही आशंका व्यक्त की जांच रही थी कि चावल गुणवत्ता को लेकर लेकर जांच की औपचारिकता पूरी की जायेगी. टीम के इर्दगिर्द कई मिलर घूमते नजर आये. बताया गया कि सत्ता से जुड़े कई रसूखदार मिलर मैनेज करने में जुटे रहे. टीम की भनक लगते ही आनन-फानन चावल को रेलवे रैक में डम्प कर दिया गया था, ताकि जांच टीम की नजर न पड़े. जिस तरह से आधे दिन में जांच की गई वह केवल औपचारिकता रही. सूत्रों की माने तो मुख्यालय भोपाल से लेकर जिला स्तर तक सब कुछ मैनेज था. सभी सेम्पल गुणवत्ता और मानक स्तर के पाये गये. जबकि विदिशा भेजे गये चावल को लेकर नान अधिकारी ने पत्र लिखकर कहा था कि जिन मिलरों ने चावल भेजा है उनसे वारदाना व गुणवत्ता संबंधी वसूली की जाय. पत्र के बाद मिलर और नान के अधिकारी आशंकित थे कि कहीं गोदाम में रखे चावल के सेम्पल फेल न हो जाय.

मिलरों ने किया था आपस में चंदा, आरोप नान से जुड़े सूत्रों ने आरोप लगाते हुए बताया कि एफसीआई टीम को मैनेज करने के लिये कई रसूखदार मिलरों ने चंदा एकत्र किया था. ताकि मैनेज किया जा सके. यह आरोप कहां तक सही है यह जांच का विषय है. गुणवत्ताविहीन चावल टीम के नजर में न आए इसके लिये मिलर कई दिनों से लगे हुए थे और आपस में चंदा भी एकत्र किया.

नव भारत न्यूज

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