शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत

तदर्थ नियुक्ति की सेवाओं को जोड़कर लाभ देने पर उचित निर्णय के आदेश

जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट से शिक्षकों को राहत मिली है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की एकलपीठ ने तदर्थ सेवाओं को जोड़कर लाभ न देने के मामले को गंभीरता से लिया। एकलपीठ ने पूर्व आदेशों के परिपालन में आवेदकों के अभ्यावेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेने के आदेश लोक शिक्षण आयुक्त को दिये है। इसके लिये न्यायालय ने 60 दिन की समय सीमा निर्धारित की है।

यह मामले संतोष बरडिय़ा, मोहन लाल दोहरे व गया प्रसाद चौबे की ओर से दायर किये गये थे। जिसमें कहा गया था कि उनकी वर्ष 1981 में तदर्थ नियुक्ति हुई थी। उसके बाद वे 1998 में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए। लेकिन इसके बावजूद तदर्थ में की गई सेवाओं की गणना सीनियरटी व पेंशन में नहीं जोड़ी गई, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ। उनकी ओर से दिये गये अभ्यावेदन का निराकरण नहीं किया गया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडे ने पक्ष रखा।

नव भारत न्यूज

Next Post

मंत्री के बयान पर सियासी उफान: पुतला दहन ज्ञापन सौंपा मंत्री पद से पृथक करने की मांग

Sun Nov 28 , 2021
अनूपपुर:  उप तहसील फुनगा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बुधवार को उप तहसील फुनगा में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से सामान्य वर्ग के महिलाओं के विरूद्ध अभद्र टिप्पणी किए जाने पर जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा तिराहे में रॉयल्स राजपूत संगठन ने मंत्री बिसाहूलाल सिंह का पुतला […]